धनबाद चंबल एक्सप्रेस में नशाखुरानी गैंग का पर्दाफाश, साधु वेश में वारदात करने वाले 7 आरोपी गिरफ्तार।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
धनबाद से एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है, जहां चंबल एक्सप्रेस में हुई नशाखुरानी की वारदात का रेलवे सुरक्षा बल ने पर्दाफाश कर दिया है। लंबी तकनीकी जांच, कई राज्यों में फैले CCTV फुटेज के विश्लेषण और लगातार पीछा करने के बाद सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। यह पूरा मामला 10-11 मार्च की रात का है।
घटना गाड़ी संख्या 20975 चंबल एक्सप्रेस के जनरल कोच की है, जहां 30 वर्षीय शिवानी अपने पति के साथ धनबाद से बांदा जा रही थी। भीड़ अधिक होने के कारण वह ऊपर की बर्थ पर सो गई। इसी दौरान साधु वेश में एक आरोपी ने प्रसाद के नाम पर लड्डू दिया और झाड़-फूंक करने लगा। लड्डू में नशीला पदार्थ मिला हुआ था, जिससे महिला बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी उसके पास से करीब 4000 रुपये नकद और चांदी के गहने लेकर फरार हो गया। महिला को बांदा स्टेशन पर उतारकर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान 15 मार्च को उसकी मौत हो गई।
मामले की जांच में जुटी आरपीएफ की अपराध आसूचना शाखा ने धनबाद, आसनसोल, बर्धमान, गोमो, पारसनाथ, कोडरमा, गया और डीडीयू तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया कि कुल सात आरोपी इस गिरोह में शामिल थे, जो साधु का भेष बदलकर यात्रियों को निशाना बनाते थे। डीडीयू और बनारस कैंट स्टेशन के फुटेज से इनके भागने का पूरा रूट सामने आया।
IPF/CIB धनबाद के नेतृत्व में गठित टास्क टीम ने लखनऊ, सुल्तानपुर और निहालगढ़ में छापेमारी की और आखिरकार आसनसोल के काली पहाड़ी इलाके में गिरोह का सुराग मिला। 31 मार्च को आसनसोल-गया पैसेंजर ट्रेन में पीछा करते हुए कोडरमा में सातों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। जो उत्तर प्रदेश अमेठी के रहने वाले है।
गिरफ्तार आरोपियों के पास से अल्प्राजोलम टैबलेट, ताबीज, जंतर, मोर पंख, लाल पगड़ी, रुद्राक्ष माला, नकद राशि, मोबाइल फोन और 5050 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, ये लोग साधु या फकीर बनकर यात्रियों को झांसा देते और नशा खिलाकर लूटपाट करते थे।
रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी अजनबी से खाने-पीने की चीजें न लें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।

