लेखक: देवानंद सिंह
मुंबई/लखनऊ: आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने अब केवल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर काम करने की घोषणा की है।
संगठन, जो भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत है, ने अपना डिजिटल सिस्टम शुरू करते हुए लोगों को शिकायत दर्ज कराने, जानकारी प्राप्त करने और संगठन से जुड़ने की सुविधा देने का दावा किया है।
डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और सम्मान अभियान
संगठन ने ‘भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट’ अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत समाज और देशहित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सरकारी, निजी और सामाजिक क्षेत्र के लोगों को सम्मानित किया जाएगा।
दानिश खान ने कहा कि शुरुआती वर्षों की कमियों को दूर कर अब संगठन मानवाधिकार, आरटीआई जागरूकता और सामाजिक कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देगा।
संगठन का मुख्यालय लखनऊ तथा कार्यालय दिल्ली में है।
दानिश खान पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े मामलों में सक्रिय रहने का दावा करते हैं।
पृष्ठभूमि और संगठन का विकास
डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस की स्थापना वर्ष 2010 में आरटीआई कार्यकर्ता दानिश खान द्वारा की गई थी। शुरुआती वर्षों में संगठन मुख्य रूप से मीडिया के माध्यम से जन जागरूकता फैलाने और सूचना के अधिकार के प्रति लोगों को शिक्षित करने पर केंद्रित रहा। हालांकि, संसाधनों की कमी और संचालन संबंधी चुनौतियों के कारण संगठन की पहुंच सीमित रही। अब नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के लॉन्च के साथ, संगठन अपनी पहुंच को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करने के लिए तैयार है। यह परिवर्तन संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म की मुख्य विशेषताएं
नया डिजिटल सिस्टम एक उपयोगकर्ता-अनुकूल पोर्टल प्रदान करता है जहां नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, आरटीआई आवेदनों की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं, और कानूनी सहायता के लिए अनुरोध कर सकते हैं। प्लेटफॉर्म बहुभाषी समर्थन प्रदान करता है और मोबाइल उपकरणों के लिए अनुकूलित है। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए आप कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट का महत्व
‘भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट’ अभियान का उद्देश्य उन अनसुने नायकों को पहचानना है जो समाज के विभिन्न क्षेत्रों में चुपचाप योगदान दे रहे हैं। यह पुरस्कार सरकारी अधिकारियों, निजी क्षेत्र के पेशेवरों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों को दिया जाएगा जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में असाधारण कार्य किया है। चयन प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता-आधारित होगी, जिससे विश्वसनीयता बनी रहे।
दानिश खान का आरटीआई और मानवाधिकार में योगदान
दानिश खान पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत हजारों आवेदन दायर कर चुके हैं। उनके प्रयासों से कई भ्रष्टाचार के मामले उजागर हुए हैं और जनता को न्याय दिलाने में मदद मिली है। वे मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों में भी सक्रिय रूप से पैरवी करते रहे हैं। उनका अनुभव और समर्पण इस फाउंडेशन की रीढ़ है।
भविष्य की योजनाएं और विस्तार
आने वाले महीनों में, डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस देश के सभी राज्यों में जिला स्तरीय समन्वयक नियुक्त करने की योजना बना रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी साक्षरता शिविर आयोजित करने और वंचित समुदायों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करने की योजना है। संगठन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंडिंग और अनुदान के माध्यम से अपने संसाधन आधार को मजबूत करने पर भी काम कर रहा है।

