एनसीईआरटी-सीबीएसई निदेशक पर कार्रवाई की मांग न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का उल्लेख बर्दाश्त नहीं: कुलबिंदर सिंह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। क़ौमी सिख मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता कुलबिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एनसीईआरटी एवं सीबीएसई के निदेशक तथा मानव संसाधन विभाग के सचिव के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के मद्देनजर जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
कुलबिंदर सिंह ने कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक के अध्याय ‘हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका’ में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार के उल्लेख पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे देश की न्यायपालिका की छवि धूमिल होती है। उन्होंने इसे संविधान की मूल भावना और शक्ति पृथक्करण के सिद्धांत पर हमला बताया।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि क्या न्यायिक प्रक्रिया की जटिलता, लंबित मुकदमों की संख्या, कॉलेजियम व्यवस्था या जजों की कमी को भ्रष्टाचार से जोड़ा जा सकता है। साथ ही उन्होंने पूर्व चीफ जस्टिस के संदर्भ को भी साजिश का हिस्सा बताया।
कुलबिंदर सिंह ने यूजीसी की समता कमेटी के प्रावधान का हवाला देते हुए कहा कि मानव संसाधन विभाग को ऐसे निर्णयों से बचना चाहिए, जिससे समाज में भ्रम और देश की अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान पहुंचे।

