Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- कामाख्या मंदिर में ठीक से नहीं हो रही सफाई
    Breaking News Headlines

    सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- कामाख्या मंदिर में ठीक से नहीं हो रही सफाई

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 20, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. असम के कामाख्या मंदिर में ठीक से रखरखाव नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने सवाल उठाए हैं. दोनों जजों ने कहा कि असम में कामाख्या मंदिर का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सी. टी. रविकुमार की बेंच मंदिर के रखरखाव से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी. जस्टिस रस्तोगी ने कहा कि मैं छुट्टियों के दौरान वहां गया था और मंदिर का रखरखाव तब भी ठीक से नहीं किया जा रहा था. यह मेरी निजी राय है. लेकिन स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है.

     

    वहीं मंदिर पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जहां केवल कुछ लोगों ने पत्र लिखकर कहा है कि स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. उन्होंने अदालत को बताया कि आईआईटी जैसे विशेषज्ञ निकायों को शामिल कर मंदिर के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच संभावित सौहार्दपूर्ण समाधान को सक्षम बनाने के मकसद से मामले की सुनवाई को जनवरी 2023 तक के लिए टाल दिया.

     

    बता दें कि कामरूप कामख्या मंदिर में मां कामख्या देवी की मूर्ति स्थापित है और यह असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित है. राज्य के निलांचल

    पहाडिय़ों की तलहटी में स्थित कामख्या मंदिर देश में स्थापित चार महाशक्ति पीठ में से एक है. शीर्ष अदालत ने दिसंबर 2021 में कामाख्या देवालय के बोर्डेउरी समाज के सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित डोलोइस द्वारा कामाख्या डेब्यू बोर्ड द्वारा धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए एक अवमानना याचिका का निपटारा किया था.

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहेडलाइंस राष्ट्र संवाद
    Next Article भारत सरकार ने पेंशनर्स के लिए शुरू किया नया पोर्टल, एक ही स्थान पर मिलेगी ये खास सुविधा

    Related Posts

    मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या

    June 24, 2026

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    June 24, 2026

    झारखंड में 262 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    June 24, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    भरत तिवारी मुठभेड़ पर न्यायिक जांच की मांग

    मुंबई लोकल ट्रेन में मयंक लोहार की हत्या

    मुंबई लोकल ट्रेन बनी कत्लगाह: मयंक लोहार की हत्या

    केतन हत्याकांड: बहन के संदेह से खुला शोकांकित सच

    झारखंड में 262 चयनित अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र

    चढ़ावा लूट: मंदिरों का इतिहासिक खजाना

    भरत तिवारी एनकाउंटर: बाबा बागेश्वर की एंट्री, राष्ट्रीय चर्चा में मामला

    केतन हत्याकांड का राज खुला: बहन के शक ने किया खुलासा

    भारत-अमेरिका व्यापार समझौता: अवसरों को साधने की चुनौती

    स्मार्टफोन की लत: डिजिटल युग की वैश्विक चुनौती

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.