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    Home » सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- कामाख्या मंदिर में ठीक से नहीं हो रही सफाई
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    सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- कामाख्या मंदिर में ठीक से नहीं हो रही सफाई

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 20, 2022No Comments2 Mins Read
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    नई दिल्ली. असम के कामाख्या मंदिर में ठीक से रखरखाव नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट के दो जजों ने सवाल उठाए हैं. दोनों जजों ने कहा कि असम में कामाख्या मंदिर का रखरखाव ठीक से नहीं किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस सी. टी. रविकुमार की बेंच मंदिर के रखरखाव से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी. जस्टिस रस्तोगी ने कहा कि मैं छुट्टियों के दौरान वहां गया था और मंदिर का रखरखाव तब भी ठीक से नहीं किया जा रहा था. यह मेरी निजी राय है. लेकिन स्वच्छता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता है.

     

    वहीं मंदिर पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा कि यह एक ऐसा मामला है, जहां केवल कुछ लोगों ने पत्र लिखकर कहा है कि स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जा रहा है. उन्होंने अदालत को बताया कि आईआईटी जैसे विशेषज्ञ निकायों को शामिल कर मंदिर के रखरखाव का कार्य किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों के बीच संभावित सौहार्दपूर्ण समाधान को सक्षम बनाने के मकसद से मामले की सुनवाई को जनवरी 2023 तक के लिए टाल दिया.

     

    बता दें कि कामरूप कामख्या मंदिर में मां कामख्या देवी की मूर्ति स्थापित है और यह असम की राजधानी गुवाहाटी में स्थित है. राज्य के निलांचल

    पहाडिय़ों की तलहटी में स्थित कामख्या मंदिर देश में स्थापित चार महाशक्ति पीठ में से एक है. शीर्ष अदालत ने दिसंबर 2021 में कामाख्या देवालय के बोर्डेउरी समाज के सदस्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले निर्वाचित डोलोइस द्वारा कामाख्या डेब्यू बोर्ड द्वारा धन के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए एक अवमानना याचिका का निपटारा किया था.

     

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