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    Home » IFFI ज्यूरी हेड के द कश्मीर फाइल्स पर दिए बयान से मचा बवाल, इजराइल के राजदूत ने मांगी माफी
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    IFFI ज्यूरी हेड के द कश्मीर फाइल्स पर दिए बयान से मचा बवाल, इजराइल के राजदूत ने मांगी माफी

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 29, 2022No Comments2 Mins Read
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    दिल्ली. भारत में आयोजित किए गए अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल की ज्यूरी के हेड इजराईली फिल्म निर्माता नदव लापिड ने द्वारा द कश्मीर फाइल्स को अश्लील और प्रोपेगेंडा फिल्म बताया. इनके इस बयान के बाद बवाल मच गया और कई भारतीय कलाकारों और निर्माता-निर्देशकों ने इस पर आपत्ति जताई है.

     

    वहीं नदव लापिड का बयान आने के एक दिन बाद भारत में इजराइल के राजदूत नाओर गिलोन ने माफी मांगी है. उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि भारत और इजराइल, दोनों देशों और यहां के लोगों के बीच दोस्ती बहुत मजबूत है. आपने (नदव लापिड) जो नुकसान पहुंचाया है, वह ठीक हो जाएगा. एक इंसान के रूप में मुझे शर्म आती है और हम अपने मेजबानों से उस बुरे तरीके के लिए माफी मांगना चाहते हैं कि हमने उनकी उदारता और दोस्ती के बदले यह दिया है.

     

    गोवा में आयोजित 53वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया में द कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग पर जूरी हेड नदव लापिड ने हैरानी जताई. उन्होंने कहा कि इस फिल्म को देखकर लगा कि यह केवल प्रचार के लिए बनाई गई है और वल्गर है. इस तरह की फिल्में एक प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल और कलात्मक, प्रतिस्पर्धी वर्ग के लिए ठीक नहीं हैं.

     

    वहीं विवेक रंजन अग्निहोत्री इस फिल्म के निर्देशक हैं. उनका कहना है कि द कश्मीर फाइल्स के जरिए उन्होंने दुनिया को कश्मीरी पंडितों की आपबीती दिखाई सुनाई है, जिन्हें तीन दशक पहले अपने ही राज्य से विस्थापित होना पड़ा और अपने ही देश में शरणार्थी बनकर रहना पड़ा.

     

    इसके अलावा अनुपम खेर ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि झूट का क़द कितना भी ऊँचा क्यों ना हो.. सत्य के मुक़ाबले में हमेशा छोटा ही होता है, एक्टर का ये ट्वीट इस बात को साफ कर रहा है कि नदव लापिड के कहे शब्दों से उन्हें आपत्ति है.

    वहीं, अशोक पंडित ने भी इस बयान पर अपना रिएक्शन दिया है. उन्होंने कहा है कि इजरायली फिल्म मेकर नादव लैपिड ने कश्मीर फाइल्स को वल्गर फिल्म बताकर आतंकियों के खिलाफ भारत की लड़ाई का मजाक उड़ाया है. उन्होंने कश्मीरी पंडितों का अपमान किया है. ये आईएफएफआई की विश्वसनीयता के लिए बड़ा झटका है.

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