लेखक: इंद्र यादव
दादर में BEST बस चालक से मारपीट की घटना ने मुंबई की सड़कों पर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुंबई। दादर के तिलक ब्रिज के पास रविवार शाम रास्ता देने को लेकर हुए विवाद में कार सवारों ने BEST बस को रोककर चालक के साथ कथित तौर पर मारपीट की। बताया जा रहा है कि कार चालक ने बस को ओवरटेक करने के बाद बीच सड़क पर गाड़ी रोक दी और अपने साथियों के साथ बस में घुसकर चालक से मारपीट की।
BEST बस चालक से मारपीट: घटना का पूरा विवरण
घटना के बाद पीड़ित BEST चालक पहले शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन और फिर माटुंगा पुलिस स्टेशन पहुंचा। मामले को लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। डीसीपी सेंट्रल जोन-2 अनुराग जैन के अनुसार, वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
मुंबई पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। मुंबई पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की शिनाख्त हो चुकी है। डीसीपी अनुराग जैन ने मीडिया को बताया कि आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 341, 504, 506 और मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों का बयान
घटना के वक्त बस में सवार यात्रियों ने बताया कि कार चालक ने बेहद आक्रामक तरीके से बस को ओवरटेक किया और अचानक ब्रेक लगा दी। इसके बाद कार से 3-4 लोग उतरे और ड्राइवर की केबिन में घुसकर मारपीट शुरू कर दी। एक यात्री ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “ड्राइवर बार-बार हाथ जोड़कर माफी मांग रहा था, लेकिन वे नहीं माने।” इस पूरी घटना का वीडियो किसी यात्री ने अपने मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
BEST प्रशासन की प्रतिक्रिया
BEST उपक्रम के महाप्रबंधक ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घोषणा की कि पीड़ित चालक को चिकित्सा सहायता और कानूनी सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, सभी डिपो प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे चालकों और कंडक्टरों को विषम परिस्थितियों में संयम बरतने और तुरंत कंट्रोल रूम या पुलिस को सूचित करने का प्रशिक्षण दें।
सार्वजनिक परिवहन कर्मचारियों की सुरक्षा पर चिंता
घटना ने मुंबई की सड़कों पर बढ़ती दबंगई और सार्वजनिक परिवहन कर्मचारियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों की जिम्मेदारी संभालने वाले बस चालक के साथ सड़क पर इस तरह की मारपीट को लेकर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है। ट्रेड यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। नागरिक समाज के संगठनों ने भी महाराष्ट्र सरकार से मांग की है कि सार्वजनिक परिवहन कर्मियों के लिए विशेष सुरक्षा कानून बनाया जाए।
कानूनी प्रावधान और आगे की राह
कानूनी जानकारों का मानना है कि ड्यूटी पर तैनात लोक सेवक पर हमला गंभीर अपराध है। आईपीसी की धारा 353 (लोक सेवक को उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिए हमला) भी इस मामले में लागू हो सकती है, जिसमें अधिकतम 2 वर्ष की सजा का प्रावधान है। पुलिस को चाहिए कि वह चार्जशीट जल्द दाखिल करे ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई हो सके। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि रोड रेज की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सख्त कानून और त्वरित न्याय व्यवस्था की आवश्यकता है।

