राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चल रहे निर्णायक अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह शुक्रवार दोपहर करीब 3 बजे चाईबासा पहुंचे। चाईबासा स्थित समाहरणालय में उन्होंने राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर नक्सल विरोधी अभियान की वर्तमान स्थिति और आगामी रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की। सुरक्षा दृष्टि से डीजी का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले 40 दिनों के भीतर ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह का यह चाईबासा का दूसरा दौरा है। इससे पहले वे 19 जनवरी को यहां पहुंचे थे, जिसके बाद इतने कम समय में दोबारा आगमन को लेकर कई रणनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। बैठक में झारखंड पुलिस के राज्य स्तरीय अधिकारी और सीआरपीएफ के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान चाईबासा के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की तैनाती, खुफिया तंत्र को और मजबूत करने तथा नक्सलियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को सख्ती से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया। वर्तमान में कोल्हान और सारंडा वन क्षेत्र में नक्सलियों के खिलाफ सघन तलाशी अभियान जारी है। इस दौरान डीजी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नक्सलियों की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए और ग्रामीणों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर उन्हें नक्सलियों से अलग-थलग किया जाए, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

