अंबेडकर शैक्षणिक एवं सेवा संस्थान में संविधान संकल्प कार्यक्रम, संविधान की रक्षा का लिया गया संकल्प
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। अंबेडकर शैक्षणिक एवं सेवा संस्थान के बिरसानगर स्थित सभागार में शनिवार को संविधान दिवस पखवाड़ा के तहत संविधान संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने भारत के संविधान की रक्षा और पालन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता व संचालन संस्थान के सचिव के.एम. प्रसाद ने किया। मुख्य अतिथि व वक्ता झारखंड बार काउंसिल के निर्वाचित कार्यकारिणी सदस्य एवं हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अब्दुल कलाम रसीदी ने कहा कि अभी भी दलित एवं आदिवासी समाज को संविधान अनुसार पूरा अधिकार नहीं मिल पा रहा है, जिसे सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
विशिष्ट अतिथि प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी सदस्य रियाजुद्दीन खान ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी समान रूप से प्रासंगिक हैं और समतामूलक समाज का मार्ग दिखाते हैं। आंदोलनकारी नेता एस.के. मैथी ने गरीबों को उचित मजदूरी से वंचित किए जाने को पूंजीवादी व्यवस्था की देन बताया। हाई कोर्ट अधिवक्ता योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि अंतिम व्यक्ति तक विकास नहीं पहुंचने तक संविधान निर्माता का सपना अधूरा रहेगा।
सचिव के.एम. प्रसाद ने चिंता जताई कि संविधान को पढ़ने और समझने वाले बुद्धिजीवियों की संख्या कम होती जा रही है, जबकि जन-जन तक संविधान का संदेश पहुँचाना आवश्यक है। कार्यक्रम में हिंदी और अंग्रेजी में रूपांतरित संविधान की प्रतियां भी वितरित की गईं।
धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ अधिवक्ता जे.पी. सिन्हा ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, समाजसेवी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

