दलमा शिवमंदिर में श्रद्धालुओं से शुल्क लेना सनातन विरोधी, अविलंब निरस्त हो आदेश: विश्व हिन्दू परिषद
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर:सावन मास के पवित्र अवसर पर दलमा पहाड़ स्थित प्राचीन शिवमंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं से प्रवेश शुल्क लिये जाने पर विश्व हिन्दू परिषद ने तीखा विरोध जताया है। परिषद ने इसे सनातन धर्म और श्रद्धालुओं की आस्था के विरुद्ध बताते हुए राज्य सरकार के इस निर्णय को अविलंब रद्द करने की मांग की है।

विश्व हिन्दू परिषद सिंहभूम विभाग के मंत्री अरुण सिंह ने इसे “मुगल फरमान” बताते हुए कहा कि यह जजिया कर की तरह है, जिसे अब फिर से लागू करने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि जब सावन में केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारें शिवभक्तों के लिए निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराती हैं, तब झारखंड सरकार की ओर से यह शुल्क लगाया जाना निंदनीय है और हिंदू समाज को आक्रोशित करने वाला है।
विश्व हिन्दू परिषद जमशेदपुर महानगर की टीम ने जिलाध्यक्ष अजय गुप्ता की अध्यक्षता में प्रभागीय वन पदाधिकारी (DFO) से उनके कार्यालय में भेंट कर अपना विरोध दर्ज कराया। वार्ता के दौरान DFO ने बताया कि यह शुल्क राज्य सरकार के आदेश पर लगाया गया है।

विहिप ने चेतावनी दी है कि यदि श्रद्धालुओं से शुल्क लेना बंद नहीं किया गया, तो यह विरोध आगे भी जारी रहेगा और राज्य सरकार तक आंदोलन पहुंचाया जाएगा। विहिप ने कहा कि हिंदू पर्वों में बार-बार हस्तक्षेप किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर विहिप सिंहभूम विभाग मंत्री अरुण सिंह, जिला मंत्री चंद्रिका भगत, सहमंत्री उत्तम कुमार दास, उपाध्यक्ष गोपीराव, सविता सिंह, प्रचार प्रमुख प्रदीप सिंह, कोषाध्यक्ष दीपक वर्मा, संतोष वर्मा, राजेश ठाकुर, आदित्य वर्मा, ओम, हिंदूपीठ के महासचिव दिलजय बोस, सुरक्षा प्रमुख सोमनाथ सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

