Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » चार साहब जादे
    Headlines जमशेदपुर झारखंड साहित्य

    चार साहब जादे

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 16, 2022No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    ड़ॉक्टर  सुनीता बेदी

    दशमेश पिता सुंदरी माता
    के लाडले हुए चार।
    दादी गुजरी ने बड़े प्यार से
    भरे उनमें संस्कार।।
    हँसते,खेलते भाई-भाई
    आपस मे चार यार।
    पढ़ाई-लिखाई संग गतका
    और सीखे चलाना तलवार।
    अधर्म केआगे झुकना नही,
    न निहत्थे पे करना वार।
    छोटा ,प्यारा फतेह सिंह
    तो बड़ा अजित जिम्मेदार
    दूसरे ,तीसरे भाई में
    जोरावर तथा, था जुझार।

    दो किशोर दो बालक ही
    बने हुए थे जत्थेदार।
    चम चम चमकती उनकी
    अभ्यास क़रतीं हुई तलवार।
    हवा से बात करते थे वो
    जब होते वो घुड़सवार ।।
    कमाल का गतका फेरना
    मचा दे शत्रुओं में हाहाकार।।
    चकरब्यूह सा घेरता मुगलों को
    धूलचटाती उनकी मार।
    वजीर खान नेअनंतपुर में
    जीना इनका किया दुश्वार।।
    धर्म कबूल कर लो मेरा,
    नही,सर धड़ से होगा बहार।

    चमकौर में शुरू हुई लड़ाई
    अजित पुत्र की प्रबल प्रहार ।
    वीरगति को प्राप्त हुआ जब
    जुझार पुत्र ने भरी हुंकार।
    लेने भाई के मौत का बदला
    कूद पड़ा वो ,मानी न हार ।
    उनके कौतक देख देख के
    मुगल भी आश्चर्य चकित निहार।
    पर वैरी तो वैरी ही थे।
    एक बच्चे से लड़े थे चार।
    अंतिम साँस तक रण कौशल
    भांजती रही उनकी तलवार।

    चमक चम चम, चमक चम चम
    तलवार दिखाती अपनी धार।
    जयकारे लगाये, पिता दशमेश के,
    (सवा लाख नाल एक लडावां
    तां, गुरु गोविंद सिंह नाम कहावां।।)
    बेदर्दी मुगलों ने मिलकर
    उस मासूम को भी दिया मार।।
    पर मरने से पहले जुझार
    जमकर लगायी उन्हें फटकार।
    तुम्हारे धर्म नहीं कबूल है।
    मर जाऊँगा पर ,नही शर्मशार
    अपना सिख धर्म होएगा।
    सर उठाकर जिएं सरदार ।।

    (बोले सो निहाल,सत श्री काल)
    उधर औरंगजेब का फरमान
    दादी संग दो अबोध फरार ।
    वजीर खान का फतवा जारी
    जो पकड़वाए, ईनाम मिले भारी।
    घर का नौकर ही निकला बेईमान।
    सिक्कों की खातिर बेचा ईमान।
    पकड़ दादी संग,दोनों मासूमो को लाया गया भरी दरबार।
    मुगलों का धर्म कबूल करो।
    तो,राजसी ठाट,सिक्के हज़ार।
    अबोध बच्चो को भी बोध था।
    अपने धर्म की अहमियतऔर संस्कार।
    सीना तान खड़े रहे,भरी महफ़िल में डटे रहे ।।
    वजीर के आगे झुके नही।

    डर के आगे टूटे नही।।
    कुटिल वजीर को सूझी उपाय
    इनको दीवार में क्यों न चुनवाये ?
    बच्चो के प्यार में होके मजबूर ।
    पिता आएगा धर्म करने क़बूल ।
    बेखौफ दोनों मासूम खड़े रहे।
    मुगल सल्तनत भी अड़े रहे।
    दीवार धीरे धीरे शुरू हुई ।
    मौत की उल्टी गिनती शुरू हुई।
    निर्जीव ईंट को भी आइ लाज
    किसी धर्म की काहे मोहताज।
    पापी मैं क्यों?चरमराई दीवार
    धारा शायी होकर बचाई लाज।।

    वजीरे को तब भी ,बात समझ न आयी।
    मासूमों के गर्दन मरोड़, बदले की आग बुझाई।
    ऐसा था वो कसाई।
    रहम नही था भाई।।
    उस दिन से मुगलों का शुरू हुआ पतन।
    नस्तो नाबूत हो गये, छोड़ा ये वतन।
    सिख धर्म कोई बेल नही थी
    जो मुगलों के आगे झुक जाती।
    खातिर सिक्खों चालीस हज़ार
    वार दिए पुत्र अपने चार।।
    सरहिन्द की माटी हुई पवित्र
    चारो ओर मासूमो की प्रीत।
    व्यर्थ न गयी उनकी कुर्बानी
    बन गयी सबकी गुरवाणी ।
    वाहे गुरु वाहे गुरु की आवाज़
    फ़िज़ा में तैरती है आज
    फिज़ा में तैरती है आज।।
    (मित्र पियारे नु, हाल मुरीदा दा कहना।)

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleवॉर मेमोरियल स्मारक पर अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की ओर से 1971 के युद्ध वीरों को सम्मानित
    Next Article उलेमा बोर्ड और मुस्लिम संगठन ने किया ‘पठान’ का विरोध कहा- नहीं होने देंगे रिलीज

    Related Posts

    चाईबासा कोषागार घोटाला: 45 लाख की अवैध निकासी में आरक्षी गिरफ्तार, जांच में और बड़े खुलासों के संकेत

    April 27, 2026

    रेलवे के अफसरों की हठधर्मिता चिंताजनकः सरयू राय

    April 27, 2026

    शिकार परब पर रोक को लेकर वन विभाग का जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

    April 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    चाईबासा कोषागार घोटाला: 45 लाख की अवैध निकासी में आरक्षी गिरफ्तार, जांच में और बड़े खुलासों के संकेत

    रेलवे के अफसरों की हठधर्मिता चिंताजनकः सरयू राय

    शिकार परब पर रोक को लेकर वन विभाग का जागरूकता अभियान, नुक्कड़ नाटक से दिया वन्यजीव संरक्षण का संदेश

    जमशेदपुर बोधि सोसायटी में चित्रांकन प्रतियोगिता का आयोजन, 400 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

    बाबू कुँवर सिंह जी की वीरता पूरे विश्व के लिए प्रेरणा – राष्ट्र सदैव कृतज्ञ रहेगा – काले

    JTET 2026 को लेकर प्रशासन अलर्ट, SSP और DC ने किया परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण

    मानगो में धूल से फूटा लोगों का गुस्सा, एनएच-33 एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य रुकवाया

    जमशेदपुर में आईआरबी जवान के घर बड़ी चोरी, लाखों के जेवरात और नगदी गायब

    जमशेदपुर में महायज्ञ के दौरान महिला की चेन चोरी, मची अफरा-तफरी

    जमशेदपुर में FADA की बैठक: RTO प्रक्रियाओं में सुधार और सड़क सुरक्षा पर जोर

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.