Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » लगातर चार दिनों से चंपई के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस बरकार
    Breaking News Headlines जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड रांची राजनीति

    लगातर चार दिनों से चंपई के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस बरकार

    News DeskBy News DeskAugust 24, 2024No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लगातर चार दिनों से चंपई के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस बरकार

    राष्ट्र संवद संवाददाता

    सरायकेला: सरकार से बगावत कर नया अध्याय लिखने की घोषणा करने के बाद चौथे दिन पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन शनिवार को सरायकेला पहुंचे. जहां सरायकेला की जनता ने पूर्व मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए अपना पूर्ण समर्थन देने का भरोसा दिलाया. हालांकि लगातर चार दिनों से उनके अगले राजनीतिक कदम को लेकर चल रहा सस्पेंस बरकार रहा.

     

     

    वैसे जनता का समर्थन देख पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि बहुत जल्द इसकी घोषणा करूंगा. पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में एकबार फिर से अपने दिल का दर्द बयां किया. उन्होंने कहा कि जिस संगठन को अपने खून पसीने से सींचा उस पार्टी ने वो सम्मान नहीं दिया

     

     

    इसलिए अब नया इतिहास लिखने निकला हूं. आपका समर्थन देख ऐसा लगने लगा है कि नया इतिहस पर अब विराम लगने का वक्त आ गया है. हमने टाटा जैसी कंपनी से लोहा लिया. जादूगोड़ा माइंस को लेकर यहां के आदिवासी- मूलवासियों के हक की लड़ाई लड़ी. अलग झारखंड राज्य के लिए महीनों परिवार की चिंता छोड़ दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ जंगल- जंगल भटकता रहा. मेरे बच्चे कैसे बड़े हुए मैंने नहीं देखा. झारखंड अलग राज्य मिलने के 24 साल बाद अब नया अध्याय लिखने की घोषणा की है. मुझे पूर्ण विश्वस है कि आपका प्यार पूर्व की भांति मिलता रहेगा.

     

     

    भरोसा दिलाता हूं कि कभी आपकी आवाज को दबने नहीं दूंगा. गरीब, आदिवासी- मूलवासी, किसान, विद्यार्थी, युवा सभी को उनका अधिकार दिलाऊंगा. 5 महीने के छोटे से कार्यकाल में मैंने जो काम किया वह आईने की तरह साफ है. उन्होंने कहा कि अब मुझे यदि आपका प्यार इसी तरह मिलता रहा तो झारखंड को देश के सबसे विकसित राज्य की श्रेणी में अग्रिम पंक्ति पर लाकर खड़ा कर दूंगा. क्योंकि मुझे यहां की भौगोलिक स्थिति की जानकारी है.

    लगातर चार दिनों से चंपई के अगले राजनीतिक कदम को लेकर चल रहे सस्पेंस बरकार
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleतिलक पुस्तकालय की बढ़ी रौनक, टिकट के दवेदार साथ-साथ दीपिका पांडे सिंह ने कांग्रेस कार्यालय तिलक पुस्तकालय बिष्टुपुर में पहुंचकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाया
    Next Article राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग दिल्ली और रंभा कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन के संयुक्त तत्वाधान में आज मानवाधिकार विषय पर विद्यार्थियों के बीच अवेयरनेस प्रोग्राम और इंटरेक्शन सेशन का आयोजन

    Related Posts

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    September 20, 2026

    ममता बनर्जी का राजनीतिक संकट: चुनावी हार, पार्टी में बगावत और कानूनी शिकंजे का विश्लेषण

    September 20, 2026

    सरदार त्रिलोचन सिंह (पम्मी पाजी) को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बाबूलाल मरांडी, कर्मवीर सिंह समेत कई दिग्गज

    September 19, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    ममता बनर्जी का राजनीतिक संकट: चुनावी हार, पार्टी में बगावत और कानूनी शिकंजे का विश्लेषण

    सरदार त्रिलोचन सिंह (पम्मी पाजी) को श्रद्धांजलि देने पहुंचे बाबूलाल मरांडी, कर्मवीर सिंह समेत कई दिग्गज

    आईआईटी बॉम्बे के एक छात्र की मौत: परीक्षा में ChatGPT का इस्तेमाल और फिर होस्टल रूम में मिला शव

    पालघर क्राइम: इंस्टाग्राम पर ‘भौकाल’ दिखाने चला था चोर, पुलिस ने बाइक समेत दबोचा

    नंदीग्राम से निकली सियासी आवाज, क्या राहुल के साथ आएंगी ममता?

    ब्रिटिश संघ के विघटन की ओर? कार्डिफ समझौते ने खड़े किए सवाल

    सारदा विश्वविद्यालय की शोधार्थी आकांक्षा शर्मा ने प्राप्त की डॉक्टरेट डिग्री: इंदिरा गोस्वामी की साहित्यिक कृतियों पर किया व्यापक शोध

    पुराने विवाद में दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष, कई घायल, तीन की हालत गंभीर

    सोनारी विश्वकर्मा पूजा पंडाल पहुंचे समाजसेवी राजकुमार सिंह, पूजा समिति का बढ़ाया उत्साह

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.