चंपई सोरेन हुए भावुक, कहा मेरे बेटे का अपमान, आदिवासियों की अस्मिता पर चोट
घाटशिला उपचुनाव में थमा चुनावी शोर, अब घर-घर पहुंचेंगे प्रत्याशी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर, 08 नवम्बर 2025 – घाटशिला विधानसभा उपचुनाव का चुनाव प्रचार शनिवार शाम थम गया। अब प्रत्याशी सिर्फ डोर-टू-डोर संपर्क कर सकेंगे। चुनावी सरगर्मी थमते ही सभी दलों और प्रत्याशियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। जीत का फैसला 14 नवम्बर को होगा।
हालांकि इस उपचुनाव के नतीजे से राज्य सरकार पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा, लेकिन भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के लिए यह चुनाव प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गया है।
प्रचार के अंतिम दिन पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भावुक नजर आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने “अपने खून-पसीने से सींचा”, उसी के मुखिया ने अब आदिवासी अस्मिता को ठेस पहुंचाई है।
चंपई सोरेन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाजपा प्रत्याशी बाबूलाल सोरेन की तुलना “बैल” से कर आदिवासियों का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “राज्य में आदिवासी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है, डेमोग्राफी बदल रही है, लेकिन सत्ता में बैठे लोग इन बातों की चिंता नहीं कर रहे। इसके बजाय वे दूसरों का अपमान करने में लगे हैं।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने घाटशिला की जनता से अपील की कि वे इस अपमान का जवाब मतदान में दें।

