लेखक: संजय राठी30 मई भारत में हिंदी पत्रकारिता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन हिंदी पत्रकारिता के…
Browsing: संपादकीय
लेखक: डॉ. दीपक गोस्वामीसुप्रीम कोर्ट ने जब कहा कि शौचालय और सैनिटरी नैपकिन की कमी से बेटियों की पढ़ाई नहीं…
लेखक: देवानंद सिंहलोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन जब यह अधिकार राजनीतिक मंचों से…
लेखक: राजेश कुमार शुक्लहर युग मे कोई न कोई महापुरुष हमारे संसार मे पैदा हुआ जिसने विश्व को नई दिशा…
लेखक: ललित गर्गस्वतंत्रता प्राप्ति के बाद नए भारत के निर्माण के जिन आधार स्तंभों की कल्पना की गई थी, उनमें…
लेखक: डॉ. प्रियंका सौरभभारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य केवल चिकित्सा सेवा का प्रश्न नहीं, बल्कि सामाजिक…
लेखक: ललित गर्गकृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई आज केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं रह गई है, बल्कि वह मानव सभ्यता के…
लेखक: देवानंद सिंहपश्चिम एशिया एक बार फिर अस्थिरता के ऐसे मोड़ पर खड़ा दिखाई दे रहा है, जहां छोटी सैन्य…
लेखक: ललित गर्गकिसी भी सभ्यता की वास्तविक पहचान उसकी ऊँची इमारतों, चमकती सड़कों, आर्थिक प्रगति या तकनीकी उपलब्धियों से नहीं…
लेखक: प्रो. आरके जैन “अरिजीत”सपनों की उम्र जब नीट के पेपर लीक, अधूरी भर्तियों और बेरोजगारी में उलझे, तब गुस्सा…
