यूसील जादूगोड़ा डैम से गंदा पानी सप्लाई होने पर प्रखंड प्रमुख रामदेव हेम्ब्रम ने चिंता जताई
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसील जादूगोड़ा डैम से गंदा पानी सप्लाई होने पर प्रखंड प्रमुख रामदेव हेम्ब्रम ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कंपनी की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। गर्मी में लोग साफ पानी को लेकर सतर्क रहते हैं, लेकिन कंपनी की 50 साल पुरानी फिल्टर व्यवस्था से शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। लगातार गंदा पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं।
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में किडनी, लीवर, शुगर, बीपी और कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। यूसील के कई अधिकारी भी कैंसर के शिकार हो चुके हैं। रामदेव हेम्ब्रम ने कहा कि कंपनी लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। गंदा पानी पीने से लोग चर्म रोग और डायरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे हैं।
यूसील डैम से जादूगोड़ा की 20 हजार से ज्यादा आबादी को पानी सप्लाई होता है। नरवा पहाड़ क्षेत्र की 20 हजार से अधिक आबादी को भी यही पानी भेजा जाता है। ऐसे में प्रबंधन की लापरवाही से बड़ी संख्या में लोग बीमार पड़ रहे हे
रामदेव ने बताया कि डैम का दूषित पानी गुर्रा नदी में भी मिल रहा है। इससे नदी के जीव-जंतु और आसपास के लोग बीमार हो रहे हैं। ग्रामीणों को मेडिकल सुविधा नहीं मिल रही है। सरकारी सुविधा भी बंद कर दी गई है। विस्थापितों के साथ अन्याय हो रहा है। विस्थापित बच्चियों को पढ़ाई से वंचित रखा जा रहा है।
यूसीएल कर्मियों ने प्रमुख से शिकायत की है कि लोगों को मजबूरी में डब्बा बंद पानी पीना पड़ रहा है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान भी हो रही है यूसील के द्वारा लोगों को मूलभूत सुविधा नहीं दी जा रही है जिससे ग्रामीण भारी संख्या में नाराज है।
रामदेव हेम्ब्रम ने यूसील प्रबंधन पर कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों में आपसी तालमेल की कमी है।

