राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले में कथित अवैध बालू एवं खनिज उत्खनन को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। जिला बीस सूत्री सदस्य टिकी मुखी ने झारखंड सरकार के डायरेक्टर माइन्स राहुल कुमार सिन्हा को विस्तृत शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। शिकायत में बालिजुड़ी, स्वर्गचिड़ा, पूंसिया, रेडुआ और कोइमा क्षेत्रों में पोकलेन मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर बालू खनन का आरोप लगाया गया है। टिकी मुखी के अनुसार, प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा वाहनों के जरिए बालू का उठाव और परिवहन किया जा रहा है।उन्होंने अपने पत्र में दावा किया है कि इन वाहनों को कथित रूप से विभिन्न स्तरों पर एंट्री (विभाग में गाड़ी नंबर लिखवा देना) प्रदान की जाती है, जिसके कारण इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है।
सबसे गंभीर आरोप जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ ) कार्यालय की कार्यप्रणाली को लेकर लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि खनन विभाग के स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं और कुछ अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध प्रतीत हो रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। टिकी मुखी ने यह भी कहा है कि अवैध खनन और परिवहन के कारण राज्य सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। साथ ही, बालू के भंडारण में निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक रखने तथा ईंट भट्ठों में अवैध मिट्टी खनन की भी शिकायत की गई है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों की भूमिका तय की जाए और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए।स्थानीय स्तर पर इस शिकायत के बाद खनन विभाग एवं प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब देखना यह है कि विभाग इस गंभीर आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है।
अवैध रूप से ईंट भट्टा भी चल रहा है अवैध मिट्टी खनन हो रहा है लेकिन डीएमओ के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है इनको को मोटा नजरना मिल रहा है जिसका फायदा कारोबारी हो रहेहे।
यूनियन डीएमओ की संपत्ति की जांच की मांग भी किया हे।

