जमशेदपुर में आम महोत्सव-सह-बागवानी मेले का शुभारंभ, बिरसा हरित ग्राम योजना से किसानों को मिली नई पहचान
राष्ट्र संवाद संवादाता
समाहरणालय परिसर में आम महोत्सव-सह-बागवानी मेला का शुभारंभ, उपायुक्त राजीव रंजन ने फीता काटकर किया उद्घाटन
पूर्वी सिंहभूम जिला समाहरणालय परिसर में शनिवार को आम महोत्सव-सह-बागवानी मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त राजीव रंजन ने फीता काटकर किया। मेले में जिले के विभिन्न प्रखंडों में उत्पादित अलग-अलग किस्मों के आमों के स्टॉल लगाए गए, जहां किसानों द्वारा तैयार फलों का प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि मनरेगा के तहत संचालित महत्वाकांक्षी बिरसा हरित ग्राम योजना का पूर्वी सिंहभूम में पिछले 10 वर्षों से सफलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना का उद्देश्य किसानों और मनरेगा मजदूरों को खेती आधारित स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना, पर्यावरण संरक्षण तथा मृदा संरक्षण को बढ़ावा देना है। योजना के प्रभावी संचालन के लिए मनरेगा कर्मियों एवं बागवानी सखियों और मित्रों को नियमित प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2016-17 से शुरू हुई इस योजना के तहत अब तक जिले में लगभग 6,000 एकड़ क्षेत्र में बागवानी विकसित की जा चुकी है। योजना की प्रति इकाई प्राक्कलित राशि 4,37,660 रुपये निर्धारित है। बागवानी में मुख्य रूप से अम्रपाली और मल्लिका प्रजाति के आम के पौधे लगाए गए हैं।
जिला प्रशासन के प्रयासों से किसानों को मार्केट लिंकेज भी उपलब्ध कराया जा रहा है। गत वर्ष 14 किसानों द्वारा उत्पादित आमों की बिक्री से कुल 5.12 लाख रुपये की आय हुई। स्थानीय बाजारों के अलावा राज्य के विभिन्न जिलों और राज्य के बाहर भी आम की आपूर्ति की गई। वहीं, एपीडा (APEDA) के माध्यम से पटमदा प्रखंड के किसान अशोक कुमार महतो द्वारा उत्पादित आम का निर्यात सऊदी अरब तक किया गया, जो जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि रही।
बिरसा हरित ग्राम योजना के सफल क्रियान्वयन का अध्ययन करने के लिए छत्तीसगढ़ राज्य के 13 अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने जमशेदपुर एवं बोड़ाम प्रखंड का भ्रमण भी किया था।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में अब तक लगभग 96,649 किलोग्राम आम का उत्पादन हुआ है, जबकि 210.17 क्विंटल (21,017 किलोग्राम) आम की बिक्री की जा चुकी है। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय बाजार, प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेले तथा एपीडा के माध्यम से विपणन की रणनीति अपनाई जा रही है।
आम महोत्सव में जिले में उत्पादित विभिन्न किस्मों के आम आकर्षण का केंद्र बने रहे और बड़ी संख्या में लोगों ने स्टॉलों का अवलोकन किया।

