राष्ट्र संवाद संवाददाता
राखा कॉपर, जादूगोड़ा: जियाडा स्थित एक्सल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में एक कर्मचारी को अचानक बैठाए जाने के विरोध में सोमवार को मजदूरों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों की संख्या में कर्मचारियों ने एकजुट होकर काम बंद कर दिया और कंपनी परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। हड़ताल के कारण उत्पादन कार्य पूरी तरह ठप हो गया और स्थिति तनावपूर्ण बन गई।
मजदूरों ने अपनी समस्या को लेकर पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही मार्डी घटनास्थल पहुंचे और कर्मचारियों से विस्तार से बातचीत की। इसके बाद उन्होंने कंपनी प्रबंधन के साथ सीधी वार्ता की। वार्ता के दौरान बाघराय मार्डी ने प्रबंधन के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि “मजदूर कोई मशीन नहीं हैं, जिन्हें जब चाहें बैठा दिया जाए। अगर कंपनी इसी तरह मनमानी करती रही तो आगे और बड़ा आंदोलन होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मजदूरों के सम्मान और अधिकारों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मार्डी ने प्रबंधन को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि एक पारदर्शी और व्यवस्थित प्रणाली बनाई जाए, जिसमें मजदूर अपनी समस्याएं—जैसे वेतन, अवकाश, ड्रेस और अन्य सुविधाओं—को खुलकर रख सकें और उनका समयबद्ध समाधान हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
करीब घंटेभर चली वार्ता के बाद प्रबंधन ने सकारात्मक रुख अपनाया और मजदूरों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर पुनः काम शुरू कर दिया।
वहीं, स्थानीय प्रतिनिधियों ने कंपनी पर बाहरी मजदूरों को प्राथमिकता देने और स्थानीय युवाओं की अनदेखी करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मुद्दे को लेकर क्षेत्र में असंतोष बढ़ता जा रहा है।

