बिहार मद्य निषेध अधिनियम मामले में डॉ. अभिषेक मुंडू को विशेष उत्पाद न्यायालय से बड़ी राहत
राष्ट्र संवाद संवादाता
पटना: बिहार मद्य निषेध एवं उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में विशेष उत्पाद न्यायालय, पटना ने डॉ. अभिषेक मुंडू को सभी आरोपों से सम्मानपूर्वक बरी कर दिया है। न्यायालय ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों, दस्तावेजों और अभिलेखों का गहन परीक्षण करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को प्रमाणित करने में सफल नहीं हो सका। इसके आधार पर अदालत ने डॉ. मुंडू को दोषमुक्त घोषित करते हुए उनके विरुद्ध लंबित आपराधिक कार्यवाही का समापन कर दिया।
न्यायालय के इस फैसले के बाद डॉ. अभिषेक मुंडू ने कहा कि उन्हें भारत की न्यायपालिका पर हमेशा से पूरा विश्वास रहा है। उन्होंने कहा कि माननीय न्यायालय के निर्णय से सत्य की जीत हुई है और वे न्यायालय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए भविष्य में भी पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
डॉ. मुंडू ने यह भी कहा कि न्यायालय के निर्णय के आलोक में अब उन्हें उम्मीद है कि उनके सेवा संबंधी सभी वैधानिक अधिकार, लंबित बकाया देयकों का भुगतान तथा सतर्कता (विजिलेंस) से जुड़ी औपचारिकताओं का शीघ्र निष्पादन किया जाएगा। उनका कहना है कि न्यायालय के निर्णय के बाद इन प्रक्रियाओं को अब नियमानुसार आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
विशेष उत्पाद न्यायालय का यह फैसला न्यायपालिका की निष्पक्षता और विधि के शासन में जनता के विश्वास को और मजबूत करने वाला माना जा रहा है। इस निर्णय के साथ ही डॉ. अभिषेक मुंडू के खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया का समापन हो गया है, जिससे उन्हें महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।

