भोटेकोशी नदी बनी काल: नेपाल के रसुवा गढ़ी में भीषण बाढ़ से तबाही, दर्जनों गांव प्रभावित, 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका
काठमांडू/रसुवा। नेपाल के उत्तरी हिस्से में बुधवार तड़के भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। रसुवा जिले के रसुवागढ़ी और नदी किनारे बसे इलाकों में बाढ़ का पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कई बस्तियां, सड़कें, पुल और अन्य ढांचे बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। कई वाहन और सामान तेज बहाव में बह गए हैं।
आपदा के बाद बड़े पैमाने पर खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है। अब तक 13 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर से मिली शुरुआती सूचनाओं के अनुसार 1000 से अधिक लोगों के बाढ़ की चपेट में आने या बह जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी मृतकों, घायलों और लापता लोगों का अंतिम आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है।
करीब एक दर्जन बस्तियां बाढ़ की चपेट में

उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका की उपाध्यक्ष चमेली गुरुङ के अनुसार भोटेकोशी नदी के उफान का असर नदी किनारे स्थित करीब एक दर्जन बस्तियों में पड़ा है। इनमें स्याफ्रुबेसी, बेत्रावती, मैलुंग, सल्लेतार, शांतिबाजार, पैरेबेसी, खल्ती बस्ती, सोले, त्रिशूली और बट्टार सहित आसपास के इलाके शामिल बताए जा रहे हैं।
बाढ़ का पानी कई इलाकों में सड़कों और आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच गया। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में नदी का मटमैला और बेहद तेज बहाव दिखाई दे रहा है। कई स्थानों पर पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा बहता नजर आ रहा है, जिससे तबाही का अंदाजा लगाया जा सकता है।
50 पर्यटकों के संपर्क में नहीं होने की सूचना
प्रारंभिक जानकारी में करीब 50 पर्यटकों के संपर्क में नहीं होने की बात सामने आई है। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े करीब एक दर्जन कर्मियों के भी प्रभावित क्षेत्र में फंसे या लापता होने की सूचना बताई जा रही है। हालांकि इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है और राहत एवं बचाव दल के अभियान के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
बैंक और वाहन भी बाढ़ में बहे
बाढ़ की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नदी के तेज बहाव ने कई निर्माणों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है। स्थानीय सूचनाओं के अनुसार एक बैंक भवन, वाहनों और अन्य सामान के बाढ़ में बहने की बात सामने आई है। चीन से आयात की गई इलेक्ट्रिक गाड़ियों के भी बाढ़ की चपेट में आने की जानकारी है।
कई जगहों पर सड़कें और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित इलाकों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। पुलों और सड़क संपर्क के बाधित होने से राहत एवं बचाव कार्य में भी चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
तस्वीरों में दिखी तबाही की भयावह तस्वीर
बाढ़ से जुड़ी सामने आई तस्वीरों और वीडियो में भोटेकोशी नदी का रौद्र रूप दिखाई दे रहा है। नदी का पानी सामान्य स्तर से कई गुना ऊपर बहता नजर आ रहा है। कुछ वीडियो में स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों से बाढ़ की भयावह स्थिति को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड करते दिख रहे हैं।
एक अन्य दृश्य में घनी आबादी वाले इलाके के बीच से मलबे और पानी का तेज बहाव गुजरता दिखाई देता है। कई जगहों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त नजर आ रहे हैं। इससे प्रभावित क्षेत्रों में बिजली और संचार व्यवस्था पर भी असर पड़ने की आशंका है।
राहत और बचाव अभियान तेज
आपदा के बाद नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन ने खोज एवं बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नदी के तेज बहाव और लगातार बदलती परिस्थितियों के कारण बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है।
लापता लोगों की तलाश के लिए प्रभावित नदी तटों और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। बरामद शवों की पहचान की प्रक्रिया भी की जा रही है।
प्रधानमंत्री ने बुलाई आपात बैठक
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल के प्रधानमंत्री ने आपात बैठक बुलाई है। सरकार और संबंधित सुरक्षा एजेंसियां बाढ़ से हुए नुकसान तथा राहत एवं बचाव कार्य की समीक्षा कर रही हैं।
देश के पांच जिलों में बाढ़ का हाई अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी है। प्रशासन ने लोगों से नदियों के किनारे जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की अपील की है। नेपाल में लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अन्य नदी घाटियों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
आधिकारिक आंकड़ों का इंतजार
फिलहाल सामने आ रहे मृतकों, लापता लोगों और नुकसान के आंकड़े प्रारंभिक हैं। 13 शव बरामद होने की सूचना और 1000 से अधिक लोगों के बहने की आशंका स्थानीय स्रोतों एवं शुरुआती रिपोर्टों पर आधारित है। नेपाल सरकार और स्थानीय प्रशासन की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही मृतकों, लापता लोगों तथा आर्थिक नुकसान की वास्तविक तस्वीर साफ हो सकेगी।
भोटेकोशी नदी में आई इस अचानक बाढ़ ने एक बार फिर हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश, अचानक बढ़ते नदी जलस्तर और बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना और दूरदराज के इलाकों तक राहत सामग्री पहुंचाना है।

