लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड में निदेशक (वित्त) के चयन की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस संबंध में कंपनी के पूर्व डीजीएम काली प्रसाद बिसोई ने लोक उद्यम चयन बोर्ड के सचिव को शिकायत भेजकर वर्ष 2021 से 2023 के बीच निदेशक (वित्त) के पद पर चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है। शिकायत की प्रतिलिपि केंद्रीय सतर्कता आयोग, खान मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कैबिनेट सचिवालय और लोक उद्यम विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई है। शिकायत में कहा गया है कि सुखेन कुमार बंद्योपाध्याय को वर्ष 2018 में…
Author: Devanand Singh
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाताहिंदुस्तान कॉपर में निदेशक (वित्त) के चयन प्रक्रिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। कंपनी के पूर्व डीजीएम काली प्रसाद बिसोई ने लोक उद्यम चयन बोर्ड (पीईएसबी) के सचिव को शिकायत भेजकर वर्ष 2021 से 2023 के बीच निदेशक (वित्त) के पद पर चयन और नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।हिंदुस्तान कॉपर में निदेशक (वित्त) के चयन पर उठे गंभीर सवालशिकायत की प्रतिलिपि केंद्रीय सतर्कता आयोग, खान मंत्रालय, कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, कैबिनेट सचिवालय और लोक उद्यम विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर प्रश्नचिह्न लगाते…
लेखक: देवानंद सिंहमुंबई/लखनऊ: आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने अब केवल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर काम करने की घोषणा की है।संगठन, जो भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत है, ने अपना डिजिटल सिस्टम शुरू करते हुए लोगों को शिकायत दर्ज कराने, जानकारी प्राप्त करने और संगठन से जुड़ने की सुविधा देने का दावा किया है।डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म और सम्मान अभियानसंगठन ने ‘भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट’ अभियान भी शुरू किया है, जिसके…
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता विक्रोली वेस्ट के राहुल नगर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां पारिवारिक कलह ने खूनी रूप ले लिया। तेज संगीत को लेकर शुरू हुए मामूली विवाद ने देखते ही देखते भयानक हिंसा का रूप धारण कर लिया जिसमें एक पिता और उसके नाबालिग बेटे की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को तबाह कर दिया बल्कि पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि मामूली बात पर इस तरह का खूनी संघर्ष बेहद चिंताजनक है।…
लेखक: महेन्द्र तिवारीइंडिया डे: अमेरिका में भारतीय समुदाय का वैश्विक सम्मानअमेरिकी राज्य मैसाचुसेट्स द्वारा 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया जाना केवल एक दिन का उत्सव नहीं है। यह एक प्रमुख अमेरिकी राज्य द्वारा भारतीय समुदाय की मेहनत, प्रतिभा और उनके अद्वितीय योगदान को दी गई आधिकारिक मान्यता है। अमेरिका को हमेशा से अवसरों की भूमि कहा जाता रहा है, जहां दुनिया भर के लोग बेहतर भविष्य की तलाश में जाते हैं। इन्ही प्रवासी समुदायों में भारतीय मूल के अमेरिकी आज सबसे प्रभावशाली, शिक्षित और संपन्न समुदायों में गिने जाते हैं। उनकी संख्या अमेरिका की कुल आबादी का लगभग…
लेखक: ललित गर्गभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। यही वह सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है जहां राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श होता है, सरकार जवाबदेह बनती है, विपक्ष जनभावनाओं को स्वर देता है और कानूनों के माध्यम से देश के विकास की दिशा तय होती है। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज संसद संवाद और सहमति का मंच बनने के बजाय टकराव, आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और राजनीतिक हठधर्मिता का अखाड़ा बनती जा रही है। मानसून सत्र में जिस प्रकार लगातार गतिरोध बना हुआ है, उससे केवल संसदीय कार्यवाही ही बाधित नहीं हो रही,…
लेखक: देवानंद सिंहमुंबई/लखनऊ: आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने अब केवल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर काम करने की घोषणा की है। संगठन, जो भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत है, ने अपना डिजिटल सिस्टम शुरू करते हुए लोगों को शिकायत दर्ज कराने, जानकारी प्राप्त करने और संगठन से जुड़ने की सुविधा देने का दावा किया है। संगठन ने ‘भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट’ अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत समाज और देशहित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सरकारी,…
लेखक: ललित गर्गभारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद (आधिकारिक वेबसाइट) है। यही वह सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है जहां राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श होता है, सरकार जवाबदेह बनती है, विपक्ष जनभावनाओं को स्वर देता है और कानूनों के माध्यम से देश के विकास की दिशा तय होती है। लेकिन अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज संसद संवाद और सहमति का मंच बनने के बजाय टकराव, आरोप-प्रत्यारोप, नारेबाजी और राजनीतिक हठधर्मिता का अखाड़ा बनती जा रही है। मानसून सत्र में जिस प्रकार लगातार गतिरोध बना हुआ है, उससे केवल संसदीय कार्यवाही ही बाधित नहीं…
लेखक: महेन्द्र तिवारीइंडिया डेअमेरिकी राज्य मैसाचुसेट्स द्वारा 15 अगस्त को ‘इंडिया डे’ घोषित किया जाना केवल एक दिन का उत्सव नहीं है। यह एक प्रमुख अमेरिकी राज्य द्वारा भारतीय समुदाय की मेहनत, प्रतिभा और उनके अद्वितीय योगदान को दी गई आधिकारिक मान्यता है। अमेरिका को हमेशा से अवसरों की भूमि कहा जाता रहा है, जहां दुनिया भर के लोग बेहतर भविष्य की तलाश में जाते हैं। इन्ही प्रवासी समुदायों में भारतीय मूल के अमेरिकी आज सबसे प्रभावशाली, शिक्षित और संपन्न समुदायों में गिने जाते हैं। उनकी संख्या अमेरिका की कुल आबादी का लगभग डेढ़ प्रतिशत है, लेकिन अर्थव्यवस्था, विज्ञान, चिकित्सा,…
लेखक: देवानंद सिंहडीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने देशभर में जमीनी स्तर पर अपने कार्यों का विस्तार करने की घोषणा की है। यह संगठन आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित किया गया है और अब मीडिया तक सीमित न रहकर सीधे जनता के बीच काम करेगा।डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस का नया अभियानराष्ट्र संवाद संवाददाता देवानंद सिंह मुंबई/लखनऊ: आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने अब केवल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर काम करने की घोषणा की है। संगठन, जो भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय…
