

रॉयल्टी कटौती और बिटुमेन की बढ़ती कीमतों से परेशान ठेकेदार, 100 से अधिक संवेदकों ने उठाई आवाज
2 नवंबर को मंत्री दीपक बिरुआ और कोल्हान के विधायकों के समक्ष रखेंगे समस्याएं
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। रॉयल्टी कटौती और बिटुमेन की लगातार बढ़ती कीमतों से परेशान कोल्हान क्षेत्र के ठेकेदारों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में रविवार को निर्मल गेस्ट हाउस में कोल्हान कॉन्ट्रैक्टर्स संघ के बैनर तले ठेकेदारों की बैठक आयोजित की गई। इसमें रॉयल्टी कटौती से प्रभावित 100 से अधिक संवेदकों ने हिस्सा लिया और अपनी आर्थिक एवं व्यावहारिक परेशानियों पर चर्चा की।
बैठक में झारखंड सरकार द्वारा सरकारी निर्माण कार्यों के भुगतान के दौरान की जा रही रॉयल्टी कटौती और बिटुमेन की लगातार बढ़ती कीमतों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। ठेकेदारों का कहना था कि खनिजों की खरीद के समय वे पहले ही रॉयल्टी का भुगतान कर चुके होते हैं। इसके बावजूद सरकारी भुगतान के दौरान दोबारा रॉयल्टी कटौती की आशंका बनी रहती है। इससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
इसके अलावा वर्तमान एसओआर (SOR) दर और बाजार में निर्माण सामग्री की वास्तविक कीमतों के बीच बढ़ते अंतर को भी गंभीर समस्या बताया गया। ठेकेदारों के अनुसार, निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि सरकारी कार्यों की निर्धारित दरों में उसके अनुरूप बदलाव नहीं होने से काम पूरा करना मुश्किल होता जा रहा है।
संघ के विकास सिंह ने बताया कि इन समस्याओं को राज्य सरकार और जनप्रतिनिधियों के समक्ष रखने के लिए 2 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे जमशेदपुर के सर्किट हाउस में झारखंड सरकार के मंत्री दीपक बिरुआ तथा कोल्हान क्षेत्र के विधायकों के साथ संघ के प्रतिनिधियों की बैठक निर्धारित की गई है।
इस बैठक में रॉयल्टी कटौती की प्रक्रिया में पारदर्शिता, बिटुमेन की बढ़ती कीमतों के अनुरूप दरों में संशोधन तथा वर्तमान एसओआर और बाजार दरों के बीच के अंतर को दूर करने की मांग उठाई जाएगी।
कोल्हान कॉन्ट्रैक्टर्स संघ को उम्मीद है कि मंत्री और जनप्रतिनिधियों के साथ होने वाली बैठक में ठेकेदारों की समस्याओं का सकारात्मक समाधान निकलेगा। संघ का कहना है कि न्यायसंगत और व्यावहारिक व्यवस्था लागू होने से ठेकेदारों को राहत मिलेगी तथा राज्य में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों का संचालन भी सुचारु रूप से हो सकेगा।

