चंद्रपुरा में डीवीसी क्वार्टर में घुसे हथियारबंद अपराधी, दंपती की हत्या, बेटा गंभीर
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बोकारो के चंद्रपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुई सनसनीखेज वारदात से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पश्चिमपल्ली स्थित डीवीसी के एक आवासीय क्वार्टर में घुसे हथियारबंद अपराधियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दंपती की हत्या कर दी, जबकि उनके बेटे को गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
बोकारो। चंद्रपुरा थाना क्षेत्र के पश्चिमपल्ली में अपराधियों ने एक ही परिवार को निशाना बनाते हुए खूनी वारदात को अंजाम दिया। हथियारबंद बदमाशों ने डीवीसी के आवासीय क्वार्टर संख्या एम/14 में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें सेवानिवृत्त डीवीसी कर्मी 65 वर्षीय नरेश सिन्हा और उनकी पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, उनका पुत्र रोहित सिन्हा गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, देर रात कुछ अपराधी घर में घुसे और परिवार पर गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अचानक हुई फायरिंग से घर और आसपास के इलाके में दहशत फैल गई। गोली लगने से नरेश सिन्हा और उनकी पत्नी ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि रोहित सिन्हा गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायल रोहित को तत्काल चंद्रपुरा अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बोकारो जनरल अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घटनास्थल से पुलिस ने कई खोखे बरामद किए हैं। फोरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि अपराधियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। फिलहाल हत्या के कारणों और हमलावरों की पहचान को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही घटना का खुलासा करने का प्रयास किया जाएगा।
एक ही परिवार के दो सदस्यों की हत्या और तीसरे सदस्य के गंभीर रूप से घायल होने की इस वारदात ने पूरे चंद्रपुरा क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हत्या के पीछे क्या वजह थी, अपराधी कौन थे और वारदात को अंजाम देने के बाद वे किस दिशा में फरार हुए।

