15 को राष्ट्र संवाद के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी देश -विदेश में अपनी कविताओं का जलवा बिखेर रहीं हैं अंकिता सिन्हा
साहित्यकार समाज के भावों को व्यक्त कर समाज को सजीव और शक्तिशाली बनाते हैं, इसीलिए साहित्य को समाज का दर्पण माना जाता है, क्योंकि साहित्यकार अपनी रचनाओं में समाज के विभिन्न वर्गों, उनकी भावनाओं, विचारों, और जीवनशैली का चित्रण करते हैं। साहित्य समाज की सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, और सांस्कृतिक स्थिति को भी दर्शाता है।
जमशेदपुर झारखंड की अंकिता सिन्हा भी ऐसी प्रसिद्ध साहित्यकार हैं, जो पिछले कई वर्षों से अपनी कविता, ग़ज़ल, शेर, कहानी, आलेख, शायरी के माध्यम से समाज को दर्पण दिखाने का काम कर रही हैं। श्री राम प्रवेश प्रसाद और श्रीमति शंकुतला देवी की पुत्री अंकिता सिन्हा न केवल भारत, बल्कि विदेशों में भी चर्चित नाम है।
ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल करने वाली अंकिता सिन्हा ने अपनी प्रभावी कविता, ग़ज़ल, शेर, कहानी, आलेख और शायरी के लिए कई अवार्ड भी जीते हैं। वह विदेशों में भी काव्यपाठ कर अपना जलवा बिखेर चुकी हैं। जनवरी 2023 में उन्होंने विदेशी सरजमीं मलेशिया में काव्य पाठ किया था, जबकि 10 सितम्बर 2023 को बैंकॉक के पटाया में आयोजित कवि सम्मलेन में भी वह हिस्सा ले चुकी हैं। आकाशवाणी, दूरदर्शन रांची में भी वह अपना कविता पाठ कर चुकी हैं।
वह अब तक एकल काव्य संग्रह,आकांक्षा,कोरोनाकाल,मेरी दुनिया मेरी मां जैसी रचनाएं भी सृजित कर चुकी हैं। दिल्ली, भारतीय तिरंगा गौरव द्वारा उन्हें बतौर स्पेशल गेस्ट आमंत्रित किया जा चुका है, वहीं लाल चौक श्रीनगर कश्मीर में केंद्रीय मंत्री वी.के. सिंह सम्मानित कर चुके हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर में अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में वह अरुणिमा स्मृति अवार्ड से सम्मानित हो चुकी हैं।
छत्तीसगढ़ विलासपुर में अखिल भारतीय हिन्दी साहित्य सम्मेलन में साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए और कविता पाठ की दमदार प्रस्तुति के लिए भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
बिहार के चंपारण में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में अंकिता सिन्हा को कलाम यूथ लीडरशिप कांफ्रेंस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। झारखंड महिला आयोग की अध्यक्ष कल्याणी शरण द्वारा भी उन्हें सम्मानित किया जा चुका है। वह जमशेदपुर के टाउन हॉल में ईस्ट इंडिया इवेंट्स स्टार हंगामा द्वारा दिखा दे दम सिजन-टू में बतौर स्पेशल गेस्ट रूप में न केवल भाग ले चुकी हैं,
बल्कि इस महत्वपूर्ण मंच पर सम्मानित भी हो चुकी हैं। वहीं, लिटिल चैंप डांसिंग जैसे कार्यक्रमों में भी वह जज के रूप में भी वह अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुकी हैं। इसके अलावा भी अंकिता सिन्हा कई अन्य मंचों पर सम्मानित होने के साथ ही अवार्ड भी हासिल कर चुकी हैं। इनमें झारखंड के भरकुंडा, रांची, जमशेदपुर, बंगाल के आसनसोल, चितरंजन में हिन्दी साहित्य सम्मेलन जैसे महत्वपूर्ण मंच शामिल रहे हैं। वह दिल्ली में अजय भोजपुरी युवा स्मृति साहित्यिक सम्मान से भी सम्मानित हो चुकी हैं। वहीं, जमशेदपुर में राष्ट्रीय कायस्थ विचार मंच की ओर से
कायस्थ गौरव सम्मान, दिल्ली में साहित्यिक सांस्कृतिक शोध, मुंबई की ओर से अंतराष्ट्रीय सम्मेलन में कवि कोकिल सम्मान, प्राईड ऑफ विमेन अवार्ड-2019 सम्मान, मुम्बई अग्निशिखा मंच द्वारा अग्निशिखा अरुणोदय सम्मान से भी सम्मानित हो चुकी हैं।
शकुंतला हिन्दी साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच की अध्यक्षा अंकिता सिन्हा को झारखंड सरकार स्पेनिन साहित्य गौरव सम्मान से भी सम्मानित कर चुकी है।