बर्मामाइंस की जनसमस्याओं पर फूटा आक्रोश, 14 दिसंबर को टाटा कंपनी के दोनों गेट होंगे जाम
राष्ट्र संवाद संवाददाता
बर्मामाइंस। क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण, धूल–धुआं, भीषण जाम, लगातार हो रही दुर्घटनाओं और नुवोको कंपनी की कथित अवैध पार्किंग से नाराज़ स्थानीय लोगों ने 14 दिसंबर को बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को बर्मामाइंस शिव मंदिर प्रांगण में विभिन्न बस्तियों के प्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से ‘बस्ती बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले विशाल धरना–प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में कहा गया कि बर्मामाइंस और आसपास के इलाकों में उड़ती धूल, प्रदूषण और लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। सड़क जाम और अवैध पार्किंग की समस्या भी चरम पर है। इन्हीं मुद्दों को लेकर 14 दिसंबर को टाटा कंपनी के दोनों मुख्य गेट जाम कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
आंदोलन की अगुवाई कर रहे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामबाबू तिवारी ने सभी सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों और राजनीतिक दलों से इस अभियान में जुड़कर समर्थन देने की अपील की है। उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत बुधवार सुबह 9 बजे बिस्टुपुर स्थित पोस्टल पार्क से होगी। यहां उद्योग जगत के पितामह जे.एन. टाटा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और आधे घंटे का मौन व्रत रखा जाएगा। इसके बाद टाटा जी से ‘अनुमति’ लेकर आंदोलन की औपचारिक शुरुआत होगी।
बैठक में दीपक झा, सूरज सिंह, दुर्गा राव, अभय राय, संतोष सिंह, गुड्डू सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, महेंद्र रजक, संतोष ठाकुर, सौरव श्रीवास्तव, शशि सिंह, विनोद झा, मिठु चौधरी, देवा राय, राम मार्डि, कपूरा सुंडी, महालक्ष्मी देवी, बर्मा कांसारी, दयाल कांसारी, अशोक पांडे, धर्म नाग, उज्वल राय, नंदलाल, पवन नाग, शशांक शर्मा, आशीष पांडे, राजकुमारी देवी, राम दुलारी देवी, लक्ष्मी यादव, सत्येंद्र रजक समेत कई लोग उपस्थित थे।

