Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » अमित शाह ने सुरक्षा बलों को मणिपुर में लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
    Headlines राजनीति राष्ट्रीय

    अमित शाह ने सुरक्षा बलों को मणिपुर में लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 1, 2025No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

     

    अमित शाह ने सुरक्षा बलों को मणिपुर में लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया

    नयी दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को सुरक्षा बलों को आठ मार्च से मणिपुर में सभी मार्गों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा।

    मणिपुर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य में स्थायी शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस संबंध में सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रहा है।

     

     

    पूर्वोत्तर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होने के बाद यह इस प्रकार की पहली बैठक थी। मई 2023 से इंफाल घाटी में मेइती और आसपास की पहाड़ियों पर बसे कुकी-जो समूहों के बीच जातीय हिंसा में 250 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं।

    एक आधिकारिक बयान के अनुसार, गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि आठ मार्च से मणिपुर की सभी सड़कों पर लोगों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर अवरोध पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

    सूत्रों ने कहा कि गृह मंत्री ने मणिपुर में सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया। उन्हें राज्य में कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी गई।

     

     

    शाह ने निर्देश दिया कि मणिपुर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निर्धारित प्रवेश बिंदुओं के दोनों ओर बाड़ लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाना चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर को नशा मुक्त बनाने के लिए नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल पूरे नेटवर्क को खत्म किया जाना चाहिए।

    बैठक में राज्यपाल अजय कुमार भल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, उप सेना प्रमुख और सेना की पूर्वी कमान के कमांडर शामिल थे।

    एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 13 फरवरी को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। राज्य विधानसभा को निलंबित कर दिया गया है। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।

    राज्यपाल भल्ला ने लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को सात दिन के भीतर स्वेच्छा से पुलिस के सुपुर्द करने का 20 फरवरी को आग्रह किया था।

    इस अवधि में मुख्य रूप से घाटी के जिलों में 300 से अधिक हथियार जनता द्वारा सौंपे गए। इनमें मेइती चरमपंथी समूह अरम्बाई टेंगोल द्वारा सौंपे गए 246 आग्नेयास्त्र शामिल हैं।

    भल्ला ने लूटे गए और अवैध हथियारों को पुलिस को सौंपने की समयसीमा शुक्रवार को बढ़ाकर छह मार्च शाम चार बजे तक कर दी थी।

     

     

     

    करीब 22 महीने पहले शुरू हुई जातीय हिंसा के शुरुआती दौर में मणिपुर में अलग-अलग जगहों पर पुलिस से कई हजार हथियार लूटे गए थे। तीन जनवरी को राज्यपाल का पदभार संभालने के बाद से भल्ला विभिन्न वर्गों के लोगों से मिल रहे हैं और उनसे राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के बारे में प्रतिक्रिया ले रहे हैं।

    अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने मणिपुर में कई बैठकों की अध्यक्षता भी की, जहां राज्य की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की गई और सुरक्षा बलों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

    पूर्व केंद्रीय गृह सचिव भल्ला ने अगस्त 2024 तक पांच साल तक शाह के साथ काम किया था। कहा जाता है कि भल्ला को केंद्रीय गृह मंत्री ने चुना था और उन्होंने अशांत राज्य में सामान्य स्थिति वापस लाने के लिए उन्हें यह जिम्मेदारी दी थी।

    मणिपुर में हिंसा तब शुरू हुई जब मई 2023 में मेइती समुदाय की अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ का आयोजन किया गया।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleउत्तराखंड हिमस्खलन : बचाए गए 50 श्रमिकों में से चार की मौत; पांच की तलाश जारी
    Next Article रंभा कॉलेज ,स्नातक विभाग में विज्ञान दिवस के अंतर्गत आयोजित की गयी पोस्टर मेकिंग प्रदर्शनी

    Related Posts

    टाटानगर स्टेशन हादसे में झुलसे युवक की मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों का प्रदर्शन

    June 7, 2026

    हरित भविष्य के संकल्प के साथ नेचुरल स्माइल फाउंडेशन का वृक्षारोपण अभियान जारी

    June 7, 2026

    लोधी क्षत्रिय महासभा ने सरयू राय से सामुदायिक भवन की मांग की

    June 7, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    टाटानगर स्टेशन हादसे में झुलसे युवक की मौत, मुआवजे और नौकरी की मांग को लेकर परिजनों का प्रदर्शन

    हरित भविष्य के संकल्प के साथ नेचुरल स्माइल फाउंडेशन का वृक्षारोपण अभियान जारी

    लोधी क्षत्रिय महासभा ने सरयू राय से सामुदायिक भवन की मांग की

    सरायकेला- खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया

    भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे बोकारो।

    तुम्हारे लिए

    दिल्ली में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

    नितिन नवीन से मिले सरयू राय

    भाजपा जामताड़ा नगर की मासिक संगठनात्मक बैठक संपन्न

    साइबर ठगी के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.