Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परिपत्र का आक्टा की बैठक से कोई संबंध नहीं : आक्टा
    Breaking News Headlines उत्तर प्रदेश ओड़िशा खबरें राज्य से झारखंड पटना बिहार बेगूसराय मुंगेर मुजफ्फरपुर समस्तीपुर

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परिपत्र का आक्टा की बैठक से कोई संबंध नहीं : आक्टा

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 2, 2025No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परिपत्र का आक्टा की बैठक से कोई संबंध नहीं : आक्टा

     

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ (आक्टा) ने स्पष्ट किया है संस्थान की छवि खराब करने वाली किसी भी टिप्पणी, लेख और विचार प्रिंट या डिजिटल मीडिया में देने पर रोक संबंधी विश्वविद्यालय की अधिसूचना का उसकी बैठक में उठाई गई शिक्षकों की समस्याओं से कोई कोई संबंध नहीं है।

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार की ओर से 29 मार्च, 2025 को एक अधिसूचना जारी कर कहा गया था कि विश्वविद्यालय के शिक्षण और गैर शिक्षण कार्य से जुड़े सभी सदस्य प्रिंट या डिजिटल मीडिया में ऐसे किसी भी लेख, समाचार, टिप्पणी या विचार देने से दूर रहें जिससे विश्वविद्यालय की छवि खराब हो।

    इस अधिसूचना में यह भी कहा गया कि उक्त निर्देश का अनुपालन करने में विफल रहने वाले सदस्यों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। आक्टा के अध्यक्ष उमेश पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय की इस अधिसूचना का आक्टा की बैठक में उठाए गए मुद्दों से कोई संबंध नहीं है।

    उन्होंने कहा कि यद्यपि संविधान व्यक्ति को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार देता है, लेकिन यह स्वतंत्रता अपने संस्थान को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं होनी चाहिए। यदि कोई शिक्षक या गैर शिक्षक अपनी टिप्पणी से संस्थान की छवि को नुकसान पहुंचाता है तो उस पर रोक लगनी ही चाहिए।

    सिंह ने कहा,‘‘हालांकि, यदि विश्वविद्यालय में किसी चीज को लेकर लेट लतीफी होती है तो शिक्षक संगठन या गैर शिक्षक संगठन उस बात को जरूर रेखांकित करेगा। शिक्षक संघ की बैठक में शिक्षक अपनी समस्याएं रखते हैं और इसकी सूचना समाचार पत्रों को दी जाती हैं।’’

    उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जगत तारन डिग्री कॉलेज के शिक्षकों की प्रोन्नति की फाइलें विश्वविद्यालय में साल भर से लंबित हैं। इसी तरह, अन्य कई संबद्ध महाविद्यालयों में प्रोन्नति के मामले लंबित हैं। सिंह ने बताया कि प्रोन्नति के अलावा नियुक्ति के मामले में ईसीसी में प्रधानाचार्य पद के लिए पिछले वर्ष जून जुलाई में विज्ञापन जारी हुआ था। नियुक्ति के लिए स्क्रीनिंग का नियम है जिसमें कुलपति स्क्रीनिंग के लिए दो विशेषज्ञ भेजता है। इस संबंध में फाइल छह महीने से लंबित है और पिछले पांच सालों से कार्यवाहक प्रधानाचार्य काम कर रहे हैं।

    उल्लेखनीय है कि पिछले 25 मार्च को आक्टा ने आम बैठक के बाद एक विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि संबद्ध महाविद्यालयों की फाइलें कुलपति के कार्यालय में महीनों से लंबित रहने के कारण कई शिक्षक नाराज हैं और उन्हें मामूली कार्य के लिए भी कुलपति कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की जनसंपर्क अधिकारी से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

    इलाहाबाद विश्वविद्यालय के परिपत्र का आक्टा की बैठक से कोई संबंध नहीं : आक्टा
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleम्यांमा की राजधानी में भूकंप के बाद मलबे में फंसे व्यक्ति को जीवित बाहर निकाला गया
    Next Article भाजपा ने पार्टी के 18 विधायकों के निलंबन को वापस लेने की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया

    Related Posts

    जोड़ा का केंद्रीय अस्पताल अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है, सरकार बदल गई, परंतु बदहाल अस्पताल जसकी तस रह गई

    July 5, 2026

    बड़बिल के मटकमबेड़ा उच्च विद्यालय मे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर आयोजित

    July 5, 2026

    राशिफल:जानिए आपके सितारे क्या बोलते हैं

    July 5, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जोड़ा का केंद्रीय अस्पताल अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है, सरकार बदल गई, परंतु बदहाल अस्पताल जसकी तस रह गई

    बड़बिल के मटकमबेड़ा उच्च विद्यालय मे एनसीसी प्रशिक्षण शिविर आयोजित

    राशिफल:जानिए आपके सितारे क्या बोलते हैं

    राष्ट्र संवाद हेडलाइंस

    टाटा मोटर्स की 35 कमर्शियल गाड़ियों की भव्य डिलीवरी, आधुनिक फीचर्स से ग्राहकों को मिलेगा बेहतर माइलेज और प्रदर्शन

    बन्ना गुप्ता की मानवीय पहल: जब इंसानियत ने राजनीति की दीवारें तोड़ीं

    तुरामडीह यूरेनियम प्रोजेक्ट से हटाए गए 17 मजदूरों की बहाली की मांग, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

    50 साल पुराना यूसीआईएल साप्ताहिक हाट बदहाल: टूटे शेड, कीचड़ और बदइंतजामी के बीच जूझ रही हजारों लोगों की रोजी-रोटी

    INTUC के राष्ट्रीय मंच से दहली UCIL की बदहाली: जादूगोड़ा लेबर यूनियन ने रखीं 5 बड़ी मांगें, स्वास्थ्य सेवा को बताया “चरमरा गई व्यवस्था”

    रेल विकास परियोजनाओं की सांसद बिद्युत बरण महतो ने की समीक्षा, समयबद्ध कार्य पूरा करने के निर्देश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.