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    Home » जोड़ा का केंद्रीय अस्पताल अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है, सरकार बदल गई, परंतु बदहाल अस्पताल जसकी तस रह गई
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    जोड़ा का केंद्रीय अस्पताल अपने बदहाली पर आंसू बहा रहा है, सरकार बदल गई, परंतु बदहाल अस्पताल जसकी तस रह गई

    Aman OjhaBy Aman OjhaJuly 5, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता संजय सिन्हा

     

    जोड़ा नगरपालिका क्षेत्र मे स्थित केंद्रीय अस्पताल अपने बदहाली का आसु बहा रहा है।ये अस्पताल खनन क्षेत्र के श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार के श्रम मंत्रालय ने वर्ष 1978 मे 50बेड का अस्पताल बनाया गया था,13एकड़ मे फैले इस अस्पताल मे 80के दशक मे केंदुझर,जाजपुर, सुंदरगढ़ के कोयडा सेक्टर के साथ साथ मयूरभंज जिले के बदाम पहाड़ आदि स्थानो के श्रमिक इलाज के लिए आते थे।वर्ष 2018तक इस सेंट्रल अस्पताल के ब्राह्म विभाग(ओडी) मे प्रतिदिन तीन से चार सौ तक मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आते थे,लेकिन बीते पाँच छ वर्षो मे जोड़ा केंद्रीय अस्पताल की स्वास्थ्य सेवा चरमरा गई,अस्पताल की दुर्दशा सरकार एवं जनप्रतिनिधियों के उदासिनता के कारण हुई है।अस्पताल मे ऐक्स रे,मशीन, ईसीजी, इमरजेंसी वार्ड, मरीज भर्ती वार्ड,सहित अन्य वार्ड मे वर्षो से ताले लटक रहा है।संबंधित मशीने, उपकरण मे जंग लग गए।वर्तमान समय मे दो चिकित्सक एवं कुछ स्वास्थ्य कर्मी ही रह गये।कभी कभार कुछ मरीज इलाज के आते है।बारिश हो जाने के बाद अस्पताल की भवनो से अनेको जगहो से पानी टपकते रहता है। क्षेत्रवासियों की माने तो इस अस्पताल मे सुबह के वक्त स्वास्थ्य कर्मी आते है,परंतु दोपहर के बाद अस्पताल को बंद कर चले जाते है। अस्पताल मे सुधार के लिए जोड़ा टाउनशिप के समाजिक कार्यकर्ता ने वर्ष 2024 के नवंबर महिने मे केंदुझर सासंद अनंत नायक सहित राज्य के मुख्य मंत्री तथा केंद्रीय मंत्री को पत्र देकर केंद्रीय अस्पताल सुधार के लिए फरियाद भी किया था,लेकिन सुधार के नाम पर कुछ भी नही हुआ।अब देखना यह है,कि सरकार 13एकड़ मे फैले सेंट्रल हास्पीटल मे सुधार करती है,या यू ही ये जंग खा खा कर बर्बाद होता रहेगा,और अस्पताल बदहाली का आंसू बहाता रहेगा।

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