- आजसू नेता सुमित गौरव से थाने में दुर्व्यवहार का आरोप, कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी
राष्ट्र संवाद संवादाता
गिरिडीह आजसू नेता से थाने में मारपीट का आरोप: यादव महासभा और सामाजिक संगठनों का फूटा गुस्सा, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो होगा बड़ा आंदोलन
आजसू पार्टी के कार्यकारी जिला अध्यक्ष एवं ट्रक ऑनर्स एसोसिएशन के सह-जिलाध्यक्ष सुमित गौरव उर्फ कम्पु यादव के साथ नगर थाना में कथित अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट के आरोपों ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। मामले को लेकर सोमवार को यादव महासभा, आजसू महिला मोर्चा,
आजसू छात्र संघ समेत विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने एकजुट होकर प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। संगठनों ने उपायुक्त रामनिवास यादव और पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
आरोप है कि 11 जून को नगर थाना के डीएसपी नीरज सिंह और थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह ने सुमित गौरव के साथ अभद्र व्यवहार किया, गाली-गलौज की और बिना किसी ठोस कारण के करीब दो घंटे तक थाने में बैठाए रखा। इतना ही नहीं, मारपीट किए जाने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद विभिन्न संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे नेताओं ने कहा कि यदि लगाए गए आरोप सही हैं तो यह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों का भी अपमान है। अखिल भारतीय यादव महासभा के नेताओं राजेश यादव और दिनेश यादव ने कहा कि पुलिस का दायित्व जनता की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करना है, लेकिन यदि पुलिस अधिकारियों पर ही दुर्व्यवहार और मारपीट जैसे आरोप लगते हैं तो यह बेहद चिंताजनक स्थिति है।
नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस अधिकारी दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। वहीं यदि आरोप निराधार साबित होते हैं तो इसकी भी सार्वजनिक रूप से जानकारी दी जाए, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
इस दौरान संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यदि मामले को दबाने या लीपापोती करने की कोशिश की गई और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो यादव महासभा, आजसू परिवार और अन्य सामाजिक संगठन चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेंगे। आंदोलन के तहत धरना-प्रदर्शन, विरोध मार्च, नगर थाना का घेराव और व्यापक जनआंदोलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं।
ज्ञापन कार्यक्रम में अखिल भारतीय यादव महासभा के कार्यकारी जिला अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव, सांसद प्रतिनिधि दिनेश प्रसाद यादव, जदयू जिला अध्यक्ष सरयू गोप, फॉरवर्ड ब्लॉक के राजेश प्रसाद यादव, बजरंगी यादव, आजसू महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष प्रियंका शर्मा, जिला सचिव कंचन देवी, किरण देवी, सावित्री देवी, पूर्व प्रमुख राम प्रसाद यादव, मुकेश यादव, जागेश्वर यादव, प्रदीप यादव, मंटू यादव, अक्षय यादव समेत बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और यादव महासभा के सदस्य मौजूद रहे।
मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक रंग ले लिया है। जिले की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं, क्योंकि यह मामला केवल एक व्यक्ति के साथ कथित दुर्व्यवहार का नहीं, बल्कि पुलिस की कार्यशैली और जनता के विश्वास से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

