यूसीआईएल के लेखा विभाग के जीएम टी के मुखर्जी के इस्तीफे के बाद विभाग में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू
राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसीआईएल के लेखा विभाग के जीएम टी के मुखर्जी के इस्तीफे के बाद विभाग में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। नए सीएमडी के आने से पहले ही प्रबंधन ने कई स्तरों पर फेरबदल की प्रक्रिया तेज कर दी है। वर्षों से एक ही पद पर जमे अधिकारियों को हटाने की योजना बनाई जा रही है।
राष्ट्र संवाद ने लगातार इन अधिकारियों की तैनाती पर सवाल उठाए थे। अब लेखा और क्रय विभाग में वर्षों से कार्यरत अफसरों की सूची तैयार कर ली गई है। लेखा विभाग के ऑडिट सेक्शन में अशोक कर कई सालों से कार्यरत हैं। वर्क्स अकाउंट सेक्शन में राम प्रीत साहनी लंबे समय से तैनात हैं। क्रय विभाग के ग्रुप वन में कई अधिकारी 15 साल से कार्य कर रहे हैं। ग्रुप टू में कामेश्वर केसरी कई वर्षों से पदस्थ हैं। अंजना मोहंती और तरुण कुमार भी इन्हीं विभागों में लंबे समय से कार्यरत हैं।
अब इनकी तैनाती की अवधि की समीक्षा शुरू हो गई है। प्रबंधन जल्द ही इन अधिकारियों को अन्य स्थानों पर भेजने की योजना बना रहा है। लेखा विभाग में लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। पहले भी लगभग 56 लाख रुपए के ओवर टाइम और यात्रा घोटाले में कई कर्मियों और अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है। सल्फ्यूरिक एसिड घोटाले में भी लेखा विभाग के जीएम से लेकर स्टोर के अधिकारियों तक पर आरोप लग चुके हैं।
संपदा विभाग के अधिकारी दिलीप कुमार मंडल लगभग 20 सालों से एक ही पद पर टिके हुए हैं। भाटीन माइंस में मैकेनिकल विभाग के सुशील कुमार सिंह भी 15 सालों से एक ही स्थान पर कार्यरत हैं। यूसीआईएल सीएमडी के पीए सुरोजित दास पर भी 15 साल से एक ही पद पर बने रहने का आरोप है।
इन सभी मामलों को देखते हुए यूसीआईएल प्रबंधन नए सीएमडी के आने से पहले ही बड़े फेरबदल की तैयारी में जुट गया है। यूसीआईएल के कई अधिकारियों ने बताया कि लगभग दर्जनों अधिकारियों के तबादले की योजना बनाई जा रही है। कुछ को तुमलापल्ली भेजा जाएगा, कुछ को वहां से जादूगोड़ा लाया जाएगा। कुछ को नरवा और कुछ को तूरामडीह भेजने की तैयारी है। इस वजह से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
लगातार लगते भ्रष्टाचार के आरोपों से यूसीआईएल की छवि को नुकसान पहुंचा है। एक ही पद पर वर्षों से टिके अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। प्रबंधन अब भ्रष्टाचार मुक्त

