चाय फेंककर झुलसी पीड़िता से इलाज शुल्क मांगने पर बवाल, अधिवक्ता ने उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: बिष्टुपुर थाना क्षेत्र में दबंगों द्वारा चाय फेंकने से झुलसी पीड़िता मेंहदी के इलाज को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। टाटा टीएमएच अस्पताल में इलाजरत पीड़िता के परिजनों से अस्पताल प्रबंधन द्वारा पैसे मांगने के आरोप सामने आए हैं, जिसे वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने पूरी तरह गैरकानूनी बताया है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि इस मामले में दर्ज कांड भारतीय न्याय संहिता 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत आता है और कानून स्पष्ट रूप से कहता है कि ज्वलनशील पदार्थ से झुलसे पीड़ित का इलाज सरकारी या निजी अस्पताल में मुफ्त होना चाहिए। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 397 और दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 357(सी) का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में पीड़ित से किसी प्रकार का शुल्क लेना कानून का उल्लंघन है। अधिवक्ता ने उपायुक्त से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर पीड़िता को नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित कराने और दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

