टाटानगर में यात्री ट्रेनों की लेट-लतीफी के खिलाफ विधायक सरयू राय के नेतृत्व में आयोजित धरना में मारवाड़ी सम्मेलन की सक्रिय भागीदारी, टाटा से जयपुर सीधी रेल सेवा की मांग भी जोरदार तरीके से उठी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्री ट्रेनों के संचालन में हो रही लगातार देरी एवं आम जनता की समस्याओं के विरोध में आज टाटानगर रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस धरना का नेतृत्व जमशेदपुर पश्चिम के लोकप्रिय विधायक श्री सरयू राय द्वारा किया गया।
पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन ने इस जनहित के आंदोलन में अपनी पूर्ण सहभागिता निभाते हुए बड़ी संख्या में उपस्थित होकर अपना समर्थन प्रकट किया। सम्मेलन के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने न केवल रेल सेवाओं में सुधार की मांग उठाई, बल्कि अपनी बहुप्रतीक्षित मांग — टाटा (टाटानगर) से जयपुर तक सीधी रेल सेवा प्रारंभ करने — को भी प्रमुखता से रखा।
धरना स्थल पर “टाटा से जयपुर सीधी रेल सेवा प्रारंभ करो” के बैनर के माध्यम से इस मांग को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित किया गया, जिससे यह आवाज रेलवे प्रशासन एवं सरकार तक स्पष्ट रूप से पहुंचे।
जिला अध्यक्ष मुकेश मित्तल ने कहा कि पूर्व में भी इस विषय पर केंद्र सरकार एवं रेलवे प्रशासन को कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ऐसे में इस जनांदोलन के माध्यम से समाज ने एकजुट होकर अपनी मांग को पुनः सशक्त रूप से उठाया है।
इस अवसर पर पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के जिला महासचिव प्रदीप मिश्रा, प्रांतीय उपाध्यक्ष नंद किशोर अग्रवाल, प्रांतीय संगठन महामंत्री सुरेश सोंथालिया, प्रांतीय संयुक्त महामंत्री विमल अग्रवाल, जिला संरक्षक सांवरमल शर्मा, शंकर मित्तल जुगसलाई, श्रवण देबुका, सुशील रामराईका, संयुक्त महासचिव आकाश शाह, अंकुश जवानपुरिया, उपाध्यक्ष दिलीप गोयल, कमल लड्ढा, वीरेंद्र (लाला) मूनका, सचिव राकेश अग्रवाल, दिलीप अग्रवाल (पप्पू), महेश छापोलिया, राम रतन खंडेलवाल, प्रकाश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विजय गोयल, सुंदरनगर शाखा अध्यक्ष भीमसेन शर्मा, सचिव दिनेश शाह जिम्मी, किशोर गोलछा, पंकज छावछरिया, मुरारी अग्रवाल, सुभाष गोलछा , दीपक जैन, राजेन्द्र गोलछा, अशोक आगीवाल, राजेन्द्र शर्मा, स्वरूप गोलछा, सहित अन्य गणमान्य सदस्यगण उपस्थित रहे।
सम्मेलन ने स्पष्ट किया कि जब तक टाटा से जयपुर सीधी रेल सेवा प्रारंभ नहीं होती, तब तक इस मांग को विभिन्न माध्यमों से लगातार उठाया जाता रहेगा।

