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    Home » सुप्रीम कोर्ट में आप पार्टी की जीत, केजरीवाल सरकार ही दिल्ली की असली बॉस, अफसरों पर भी होगा कंट्रोल
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    सुप्रीम कोर्ट में आप पार्टी की जीत, केजरीवाल सरकार ही दिल्ली की असली बॉस, अफसरों पर भी होगा कंट्रोल

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 11, 2023No Comments3 Mins Read
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    सुप्रीम कोर्ट में आप पार्टी की जीत, केजरीवाल सरकार ही दिल्ली की असली बॉस, अफसरों पर भी होगा कंट्रोल
    नई दिल्ली  :  सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिया है. एनसीटी दिल्ली के पास सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर सेवाओं पर दिल्ली सरकार को विधायी शक्ति दी गई है. सभी जजों ने सर्वसम्मति से फैसला सुनाया. कोर्ट ने 2018 के फैसले पर असहमति जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियां अन्य राज्यों के मुकाबले कम है. यहां चुनी हुई सरकार है लेकिन सरकार के पास शक्तियां सीमित हैं. कोर्ट ने माना की चुनी हुई सरकार की जनता के प्रति जवाबदेही है.

     

     

     

    दिल्ली में अफसरो के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार को लेकर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा कि अफसरों की पोस्टिंग और ट्रांसफर का अधिकार दिल्ली सरकार के पास होगा. फैसला सुनाने से पहले सीजेआई ने कहा कि ये फैसला सभी जजों की सहमित से लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा कि पुलिस, पब्लिक आर्डर और लैंड संबंधित शक्तियां केंद्र के पास होगी. फैसला पढ़ने से पहले सीजेआई ने कहा कि ये बहुमत का फैसला है. सीजेआई ने फैसला सुनाने से पहले कहा कि दिल्ली सरकार की शक्तियों को सीमित करने को लिए केंद्र की दलीलों से निपटना आवश्यक है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि ये मामला सिर्फ सर्विसेज पर नियंत्रण का है.सीजेआई ने कहा कि चुनी हुई सरकार को प्रशासन चलाने की शक्तियां मिलनी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता तो यह संघीय ढांचे के लिए बहुत बड़ा नुकसान है.अधिकारी जो अपनी ड्यूटी के लिए तैनात हैं उन्हें मंत्रियों की बात सुननी चाहिए अगर ऐसा नहीं होता है तो यह सिस्टम में बहुत बड़ी खोट है. चुनी हुई सरकार में उसी के पास प्रशासनिक व्यस्था होनी चाहिए. अगर चुनी हुई सरकार के पास ये अधिकार नही रहता तो फिर ट्रिपल चेन जवाबदेही की पूरी नही होती.

     

     

     

    सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा कि NCT एक पूर्ण राज्य नही है. ऐसे में राज्य पहली सूची में नही आता. NCT दिल्ली के अधिकार दूसरे राज्यों की तुलना में कम है. संविधान पीठ में मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा शामिल हैं. सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ यह तय करेगी की दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच सर्विसेज का कंट्रोल किसके हाथ में होगा. सुप्रीम कोर्ट ने 18 जनवरी को फैसला सुरक्षित रख लिया था.

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