सोनारी दोमुहानी में महाशिवरात्रि पर आस्था का सैलाब
हजारों शिवभक्तों का जुटान, बन्ना–सुधा गुप्ता ने किया नदी पूजन; हर-हर महादेव से गूंजा संगम
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर:लौहनगरी में महाशिवरात्रि का पर्व इस बार ऐतिहासिक आस्था और भव्यता के साथ मनाया गया। सोनारी स्थित सोनारी दोमुहानी संगम पर हजारों की संख्या में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरा क्षेत्र हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम की अगुवाई पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने की। उन्होंने अपनी पत्नी सुधा गुप्ता के साथ दोमुहानी संगम घाट पर विधि-विधान से नदी पूजन कर मां स्वर्णरेखा की आराधना की। इसके बाद भव्य स्वर्णरेखा आरती का आयोजन हुआ, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
बनारस के अस्सी घाट की तर्ज पर भव्य आरती
अस्सी घाट (वाराणसी) के प्रसिद्ध आशुतोष महाराज के नेतृत्व में आए पंडितों के समूह ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ आरती संपन्न कराई। दीपों की पंक्तियों, शंखनाद और घंटियों की गूंज से पूरा संगम क्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से भर उठा। अलौकिक पुष्प वर्षा और आकर्षक आतिशबाजी ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया।
भक्ति में झूमे श्रद्धालु, पूर्व मंत्री भी हुए भाव-विभोर

आरती के दौरान स्थानीय कलाकार कृष्ण मूर्ति ने शिव भजनों की अमृत वर्षा की, जिस पर हजारों श्रद्धालु झूम उठे। भक्ति के संगम में लीन पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता भी श्रद्धा के ठुमके लगाते नजर आए। शिव-पार्वती और अन्य देवी-देवताओं से जुड़ी कलाकृतियां एवं झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
विकास का प्रतीक बना दोमुहानी संगम
गौरतलब है कि मंत्री पद पर रहते हुए बन्ना गुप्ता ने सोनारी दोमुहानी संगम क्षेत्र का नये सिरे से विकास कराया था। घाट का सौंदर्यीकरण, प्रकाश व्यवस्था और भगवान शिव की भव्य प्रतिमा की स्थापना के बाद यह स्थल शहर का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र बन चुका है।
महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां उमड़ा जनसैलाब इस बात का प्रमाण रहा कि आस्था और संस्कृति के इस संगम ने अब शहर की पहचान का रूप ले लिया है।
पूरा जमशेदपुर दिनभर शिवमय रहा और दोमुहानी संगम आस्था का केंद्र बनकर श्रद्धालुओं की भक्ति का साक्षी बना।

