सड़क दुर्घटनाओं में रोकथाम को ले प्रबुद्धजनों की हुई महाबैठक, लिया निर्णय
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: टंडवा में ग्रामीण सड़क दुर्घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि से चिंतित प्रबुद्धजनों की महा बैठक शनिवार को चुंदरू धाम के मंदिर प्रांगण में हुई। मौजूद लोगों ने पिछले एक दशक से आमजनों की व्यथा को दरकिनार कर सिर्फ अपने जेबें गर्म करने वालों को जी भरकर कोसा। वहीं लंबे अरसे से कोल वाहनों से सड़क दुर्घटनाओं में अकाल मौत के शिकार परिजनों को मुआवजा के लिये घंटों याचना, असामान्य मुआवजे का भुगतान, खोखले आश्वासनों के सहारे गुमराह कर सिर्फ अपना काम निकालने वालों की मंशा को अब कुचलने की रणनीति बनाने पर सहमति व्यक्त की गई। लोगों ने कहा कि कोल वाहन से दुर्घटनाओं पर रोक लगाने का सर्वोत्तम विकल्प कोल ट्रांसपोर्टिंग के लिए अलग सड़क का निर्माण है जिसके लिये अब संवैधानिक तरीके से लड़ाई लड़ा जायेगा। आमलोगों की राय- शुमारी वाला प्रस्ताव खाशकर विस्थापित प्रभावित क्षेत्रों से लेकर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को भेजा जायेगा। बहरहाल, आम सड़कों से हो रहे कोल परिचालन के कारण अकाल मौत से त्रस्त आम आवाम के लगभग एक दशक की वेदना पर परियोजना प्रबंधन,जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की उदासीनता किसी सी छिपी हुई नहीं है। प्रबुद्धजनों का प्रयास आने वाले दिनों में कितना कारगर होगा ये तो फिलहाल भविष्य के गर्त में है। बैठक में जिप सदस्या देवंती देवी, प्रेम विकास ऊर्फ मंटू सिंह, अक्षयवट पांडेय, ईश्वर दयाल पांडेय, अरविंद सिंह, प्रमोद सिंह, जगदीश महतो, मुकेश आनंद, युगल ठाकुर, परमानंद मिश्रा, राजेश सोनी, दासो देवी, मुंशी साव, जेठू गंझु समेत अन्य मौजूद थे।
परिवहन व परिचालन नियमावली बनाने को लेकर पिछले दिनों विधायक द्वारा की गई घोषणा हुआ विफल
पिछले दिनों 22 मई 2025 को सिमरिया विधायक उज्जवल दास की अध्यक्षता में मृतकों के परिजनों को सौंपे गये लिखित सहमति पत्र में 2 जून को जिला प्रशासन के बीच परिवहन व परिचालन नियमावली बनाने की लिखित घोषणा विफल हो गई। उक्त घोषणा में स्थानीय प्रशासन के भी हस्ताक्षर हैं। बताया जाता है कि पिछले एक दशक से सैंकड़ों मारे जाने वाले परिजनों के बीच ऐसे हीं कई घोषणा कर के अबतक सिर्फ गुमराह किया गया है। हालांकि, पूछे जाने पर सिमरिया विधायक श्री दास ने कहा कि वे मामले पर पूरी तरह से संजीदा हैं। उपायुक्त श्री घोलप का अचानक स्थानांतरण हो जाने के कारण थोड़ा विलंब हुआ है। शीघ्र बैठक कराने हेतु जिला प्रशासन से समन्वय बनाकर ठोस क्रियान्वयन कराने को लेकर वे पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।

