Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान को गोली मारे जाने के बाद निधन शोक की लहर
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय अपराध राजनीति राष्ट्रीय

    जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान को गोली मारे जाने के बाद निधन शोक की लहर

    News DeskBy News DeskJuly 8, 2022No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे का एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान को गोली मारे जाने के बाद निधन हो गया। सरकारी प्रसारणकर्ता ‘एनएचके’ ने यह जानकारी दी।
    एनएचके ने बताया कि आबे (67) को पश्चिमी जापान के नारा में शुक्रवार को भाषण शुरू करने के कुछ मिनटों बाद ही पीछे से गोली मार दी गयी थी। आबे को विमान से एक अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी सांस नहीं चल रही थी और उनकी हृदय गति रुक गयी थी। अस्पताल में बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
    पुलिस ने घटनास्थल पर ही संदिग्ध हमलावर को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा और उनके कैबिनेट मंत्री देशभर में अन्य प्रचार अभियानों को बीच में रोक कर तोक्यो लौट आए। किशिदा ने इस हमले को ‘‘कायराना और बर्बर’’ बताया और कहा कि चुनावी अभियान के दौरान हुआ यह अपराध पूरी तरह अक्षम्य है।
    आबे 2020 में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण इस्तीफा देने से पहले, देश के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे। दुनिया के सबसे सुरक्षित देशों में से एक माने जाने वाले जापान में इस घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।
    ‘एनएचके’ ने घटना का एक फुटेज प्रसारित किया है, जिसमें नारा में एक मुख्य ट्रेन स्टेशन के बाहर आबे को भाषण देते हुए देखा गया। जब गोली चलने की आवाज सुनी गयी तो आबे खड़े थे, उन्होंने गहरे नीले रंग के कपड़े पहने हुए थे और अपनी मुठ्ठी उठा रहे थे। इसके बाद फुटेज में आबे को सड़क पर गिरते हुए देखा गया और कई सुरक्षाकर्मी उनकी ओर भाग रहे थे। उन्होंने अपने सीने पर हाथ रखा हुआ था और उनकी कमीज पर खून लगा हुआ था।
    फुटेज में नजर आता है कि इसके अगले क्षण ही सुरक्षाकर्मी भूरे रंग की कमीज पहने एक व्यक्ति को दबोच लेते हैं। जमीन पर एक बंदूक गिरी हुई दिखायी देती है। नारा की पुलिस ने हत्या की कोशिश के लिए एक संदिग्ध को गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि की और उसकी पहचान तेत्सुया यामागामी (41) के तौर पर की। ‘एनएचके’ ने बताया कि संदिग्ध 2000 में तीन साल के लिए समुद्री आत्म-रक्षा बल में सेवाएं दे चुका है।
    एक अन्य फुटेज में चुनाव प्रचार अधिकारियों को अपने लोकप्रिय नेता के आसपास इकट्ठा होते देखा गया। आबे सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रभावशाली नेता थे और वह उसके सबसे बड़े धड़े सेइवकाई का नेतृत्व करते थे। जापानी संसद के ऊपरी सदन के लिए मतदान रविवार को होना है।
    आबे पर हमले से भावुक किशिदा ने कहा, ‘‘मैं कड़े से कड़े शब्दों में इस कृत्य की निंदा करता हूं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेगी लेकिन साथ ही कहा कि आबे को शीर्ष स्तर की सुरक्षा मिली हुई थी।
    विपक्षी दलों के नेताओं ने हमले की निंदा करते हुए इसे जापान के लोकतंत्र के लिए चुनौती बताया। घटना के बाद तोक्यो में, लोग अख़बारों के अतिरिक्त संस्करण लेने या टीवी कवरेज देखने के लिए सड़क पर रुक गए।
    आबे ने यह कहते हुए प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था कि उनमें एक पुरानी बीमारी ‘अल्सरेटिव कोलाइटिस’ फिर से उभर आयी है। आबे ने उस समय पत्रकारों से कहा था कि अपने कई लक्ष्यों को अधूरा छोड़ना उनके लिए ‘‘परेशान करने वाली बात’’ है। उन्होंने वर्षों पहले उत्तर कोरिया द्वारा अगवा किए गए जापानी नागरिकों के मुद्दे, रूस के साथ क्षेत्रीय विवाद और जापान के युद्ध त्यागने वाले संविधान के संशोधन के मुद्दों को हल करने में अपनी नाकामी की बात की थी।
    दुनिया भर के नेताओं ने इस हमले की निंदा की है। आबे 2006 में 52 साल की उम्र में जापान के सबसे कम उम्र के प्रधानमंत्री बने थे, लेकिन स्वास्थ्य कारणों से उनका पहला कार्यकाल एक साल बाद अचानक समाप्त हो गया। आबे जब 2012 में फिर से प्रधानमंत्री बने तो उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, राजकोषीय प्रोत्साहन, मौद्रिक सुगमता और ढांचागत सुधारों पर जोर दिया। आबे ने छह राष्ट्रीय चुनाव जीते और जापान की रक्षा भूमिका और क्षमता तथा अमेरिका के साथ इसके सुरक्षा गठबंधन को मजबूत करते हुए सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाई।

    साभार

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने जेपीएससी की सातवीं से दसवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में चयनित 252 अभ्यर्थियों को सौंपा नियुक्ति पत्र
    Next Article हेडलाइंस राष्ट्र संवाद

    Related Posts

    जमशेदपुर में करंट लगने से मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर थाने पहुंचे परिजन

    June 18, 2026

    रांची | राज्यसभा चुनाव 2026

    June 18, 2026

    अनुमंडल पदाधिकारी ए. मिश्रा का हुआ भव्य स्वागत, जनहित कार्यों की सराहना

    June 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में करंट लगने से मजदूर की मौत, मुआवजे की मांग को लेकर थाने पहुंचे परिजन

    रांची | राज्यसभा चुनाव 2026

    अनुमंडल पदाधिकारी ए. मिश्रा का हुआ भव्य स्वागत, जनहित कार्यों की सराहना

    खरसावां में बंद अभिजीत प्लांट से लोहा चोरी का भंडाफोड़, गैस कटर गिरोह के 6 आरोपी गिरफ्तार

    रांची में नामकुम स्टेशन के पास आरपीएफ जवान का शव बरामद, सिर धड़ से अलग; जांच में जुटी पुलिस

    भालूबासा में चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, कोर्ट के आदेश पर 6 दुकानें ध्वस्त

    सरायकेला के बनडीह में हाथी का आतंक, सोते परिवार का घर तोड़ा, अनाज किया चट

    जहानाबाद, शहीद वायु सेना अधिकारी शुभम कुमार के मुआवजे को लेकर विवाद, परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल।

    रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी डीआरएम कर्मचारी बनकर घूम रहा आरोपी गिरफ्तार

    राज्यसभा चुनाव: चंपाई सोरेन और पूर्णिमा दास साहू का दावा, परिमल नाथवानी की जीत तय

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.