Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » प्रशांत किशोर फिलहाल नहीं बनाएंगे नई पार्टी, 2 अक्टूबर को चंपारण से शुरू करेंगे 3 हजार किलोमीटर की पदयात्रा
    Breaking News Headlines राजनीति

    प्रशांत किशोर फिलहाल नहीं बनाएंगे नई पार्टी, 2 अक्टूबर को चंपारण से शुरू करेंगे 3 हजार किलोमीटर की पदयात्रा

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 5, 2022No Comments5 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    प्रशांत किशोर ने पटना में प्रेस कॉफ्रेंस कर कहा कि वह फिलहाल कोई राजनीतिक दल नहीं बनाने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले वह बिहार के लोगों से 3-4 महीने संवाद करेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि 2 अक्टूबर से वह पश्चिम चंपारण से पदयात्रा शुरू करेंगे। प्रशांत किशोर ने कहा कि पिछले 3 दशक बिहार में लालू यादव और नीतीश कुमार का राज रहा है। पहले 15 साल लालू जी और अभी पिछले करीब 15 साल से नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री हैं। लालू जी और उनके समर्थकों का मानना है कि 15 साल के शासन में सामाजिक न्याय का शासन चला। उनका कहना है आर्थिक और सामाजिक रूप से जो पिछडे थे उनको उनकी सरकार ने आवाज दिया। 2005 से जब नीतीश जी की सरकार है तब से उनके समर्थकों का मानना है उनकी सरकार ने आर्थिक विकास और दूसरी सामाजिक पहलूओं पर ध्यान दिया है और विकास किया है।
    दोनों ही बातों में कुछ तो सच्चाई है। लेकिन इस बात में भी सच्चाई है कि लालू और नीतीश के 30 साल के राज के बाद भी बिहार देश का सबसे पिछड़ा और सबसे गरीब राज्य है। इस सच्चाई को कोई झुठला नहीं सकता है। विकास के ज्यादातर मानकों पर बिहार सबसे पीछे है। अगर 10-15 साल के रास्ते को देखेंगे तो ये बात तो तय है कि इस रास्ते से हम ऊंचाई पर नहीं पहुंच सकते हैं। अग्रणी राज्य की श्रेणी में आने के लिए बिहार को नई सोच नए प्रयास की जरूरत है। यह बहस का मुद्दा हो सकता है कि वह नई सोच और नया प्रयास कौन करे और किसके पास है। मेरा ऐसा मानना है कि नई सोच और नए प्रयास करने की क्षमता किसी एक व्यक्ति में है। मैं ऐसा समझता हूं कि इस नई सोच के प्रति बिहार के लोग मिलकर एक साथ ताकत नहीं लगाएंगे तब तक बिहार की दशा और दुर्दशा सही नहीं हो सकती है। इसलिए मैं ऐसा मानता हूं कि आने वाले दिनों में बिहार की धरती से जो जुड़े हैं, और यहां की परिस्थितियों को समझते हैं, जिनमें यहां की समस्याओं को सुलझाने की क्षमता है। उससे ज्यादा जिनमें आने वाले वर्षों में बिहार को बदलने का जज्बा है, जो बिहार को बदलना चाहते हैं, उनमें से ज्यादातर लोगों को एक साथ आकर कोई प्रयास करना होगा। इस संदर्भ में मेरी सोच और जो भूमिका है उसके बारे में दो बातें बता रहा हूं।
    ‘मैं कोई राजनीतिक दल नहीं बना रहा हूं’
    प्रशांत किशोर ने कहा कि मीडिया में संभावना जताई जा रही है कि मैं कोई राजनीतिक दल बनाने जा रहा हूं, या कोई राजनीतिक मंच बनाया हूं, ऐसी कोई घोषणा मैं नहीं कर रहा हूं। मेरी कोशिश ये है और आने वाले दिनों में मेरी भूमिका ये होगी कि ये जो लोग जिनको मैं कह रहा हूं जो यहां के सामाजिक जीवन से जुड़े हुए हैं, जो यहां की मिट्टी को, यहां की समस्याओं को समझते हैं, उनमें से एक बड़े तबके से मिलना, उनसे समझना और उनको एक साथ एक मंच पर लाना। पहली मेरी भूमिका का पहला लक्ष्य यही है।
    ‘सैंपल के तौर पर करीब 17 हजार लोग हमारे साथ’
    प्रशांत ने आगे कहा कि मैं और मेरे साथियों के साथ पिछले 4-5 महीनों से करीब 17 हजार लोगों को चिन्हित किया है। उनसे संपर्क बनाया है। आने वाले 3-4 महीनों में मैं व्यक्तिगत रूप से इनमें से ज्यादातर लोगों से मिलने वाला हूं। उनसे बात करने वाला हूं और जन सुराज की सोच है आगे बिहार में उसे उतारने के लिए मैं बात करने वाला हूं। इस संबंध में पिछले 3 दिनों में करीब 150 लोगों से मेरी मुलाकात हुई है। सैंपल के तौर पर करीब 17 हजार लोग हमारे साथ समाज के अलग-अलग तबके से जुड़े हैं। इनमें कुछ राजनीतिक और गैरराजनीतिक भी हैं। मेरा पिछले 3 दिन का अुनभव रहा है कि करीब 90 फीसदी लोग इस बात से इत्तेफाक रखते हैं कि बिहार में सामूहिक रूप से एक नई सोच और नए प्रयास की जरूरत है।

    ‘3-4 महीनों के अंदर इन 18 हजार लोगों से संवाद स्थापित करना’
    प्रशांत किशोर ने कहा कि अगले 3-4 महीनों के अंदर इन 18 हजार लोगों से संवाद स्थापित करना और उनसे समझना, उनसे जन सुराज की परिकल्पना के बारे में चर्चा करना। अगर उनकी सहमति हो तो उनको इसका भागीदार बनाना। यह पहला लक्ष्य है। इनमें से अगर 4-5 हजार लोग अगर कहेंगे कि हमें किसी राजनीतिक पार्टी बनाने की जरूरत है तब हम उसकी घोषणा करेंगे। अगर वह पार्टी बनती भी है तो वह केवल प्रशांत किशोर की पार्टी नहीं होगी। ये उन सभी लोगों की पार्टी होगी जो इस परिकल्पना से जुड़कर इस राजनीतिक संगठन के निर्माण में अपनी भागीदारी देना चाहते हैं। यह काम अगस्त या सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा।

    ‘2 अक्टूबर से पश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम से 3 हजार किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करूंगा’
    चुनावी रणनीतिकार ने आगे कहा कि मेरा दूसरा पहलू यह है कि बिहार के लोगों तक पहुंचना, जिसमें राज्य के गांव, गली, मोहल्ले के लोगों तक पहुंचना। लोगों को जन सुराज की परिकल्पना और इस सोच के बारे में बताना, उनसे उनका व्यू प्वाइंट लेना, उनकी समस्याओं को लेकर उनकी जो अपेक्षाएं और आकांक्षाएं हैं उनको समझने का प्रयास करना। उसके लिए मैं 2 अक्टूबर से पश्चिम चंपारण के गांधी आश्रम से 3 हजार किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करूंगा। अनुमान है कि 3 हजार किलोमीटर की व्यक्तिगत पदयात्रा करीब 8 महीने में पूरी हो जाएगी। इससे बिहार के लगभग शहर और गांव को कवर कर लिया जाएगा। मैं अपनी यात्रा में कोशिश करूंगा कि बिहार हर उस व्यक्ति से मिलूं जिनसे मिलना जरूरी है, जो मिलने को तैयार हैं। उनके घर जाएंगे, उनके ऑफिस में जाएंगे और उन्हें जन सुराज के अभियान के साथ लाने का प्रयास करूंगा।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleभारत-चीन गलवान संघर्ष के दो साल पूरे, आज भी हैं तनाव के हालात, वार्ता से भी नहीं बनी बात
    Next Article राष्ट्र संवाद के वरिष्ठ फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय को मिला लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड

    Related Posts

    कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, बिहार सरकार का पुतला दहन

    June 22, 2026

    तुरामडीह विस्थापितों के समर्थन में उतरी भाजपा, अर्जुन मुंडा बोले- समझौते के क्रियान्वयन तक जारी रहेगा संघर्ष

    June 22, 2026

    सीतारामडेरा बस स्टैंड में रूबी रोड लाइंस के नए कार्यालय का उद्घाटन, अब यहीं से होगी सभी वाहनों की बुकिंग

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, बिहार सरकार का पुतला दहन

    तुरामडीह विस्थापितों के समर्थन में उतरी भाजपा, अर्जुन मुंडा बोले- समझौते के क्रियान्वयन तक जारी रहेगा संघर्ष

    सीतारामडेरा बस स्टैंड में रूबी रोड लाइंस के नए कार्यालय का उद्घाटन, अब यहीं से होगी सभी वाहनों की बुकिंग

    जमशेदपुर पहुंचने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश का भव्य स्वागत

    मानवाधिकार सहयोग संघ भारत की बैठक में संगठन विस्तार पर जोर

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर देशभर में बढ़ा विरोध, कार्रवाई की मांग तेज

    एनपीए खातों के खिलाफ सख्त अभियान उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने दो संपत्तियों पर किया कब्ज़ा,नीलामी की तैयारी

    NEET परीक्षा पर JMM ने….शिक्षा मंत्रालय पर धिक्कार ….., वायु सेना का धन्यवा

    रामगढ़ सीबीआई की टीम ने घूस लेते सीसीएल कर्मी को रंगे हाथ दबोच..

    लोयाबाद हिंसा मामले में कार्रवाई के विरोध में आजसू का आक्रोश मार्च, सुदेश महतो समेत हजारों कार्यकर्ता सड़क पर उतरे

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.