Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » गुरु तेग बहादुर ने दे दिया संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान: पीएम मोदी
    Breaking News Headlines

    गुरु तेग बहादुर ने दे दिया संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान: पीएम मोदी

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 22, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. सिख गुरु तेग बहादुर के प्रकाश पर्व पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के लाल किला से देश को संबोधित किया. यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने रात में लाल किले से भाषण दिया. उन्होंने सबसे पहले गुरु के दरबार में मत्था टेका. इसके बाद गुरु दरबार में बैठकर शबद कीर्तन सुना.

    उल्लेखनीय है कि लाल किला में गुरु तेग बहादुर की 400वीं जयंती मनाई जा रही है. इस मौके पर पीएम मोदी ने एक स्मारक सिक्का और एक डाक टिकट जारी किया. इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत पूरी स्थिरता के साथ शांति के लिए काम करता है. हमें अपनी पहचान पर गर्व करना है. आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है. ऐसा भारत बनाना है जिसका सामथ्र्य दुनिया देखे. देश का विकास हम सबका कर्तव्य है. इसके लिए सबके प्रयास की जरूरत है. मुझे पूरा भरोसा है कि गुरुओं के आशीर्वाद से भारत अपने गौरव के शिखर पर पहुंचेगा. हमें अपने जीवन का प्रत्येक क्षण देश के लिए लगाना है.
    उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान में संकट पैदा हुआ तो भारत सरकार ने पूरी ताकत लगा दी. गुरु ग्रंथ साहिब को सिर पर रखकर लाया गया. सिख भाइयों को भी बचाकर लाया गया. हमारे गुरुओं ने हमें मानवता को सबसे पहले रखने की सीख दी है. भारत ने कभी किसी देश या समाज के लिए खतरा पैदा नहीं किया. आज भी हम पूरे विश्व के कल्याण के लिए सोचते हैं. भारत विश्व में योग का प्रसार करता है तो पूरे विश्व के स्वास्थ्य के लिए.

    पीएम मोदी ने कहा कि हमारे गुरुओं ने हमेशा ज्ञान और आध्यात्म के साथ समाज और संस्कृति की जिम्मेदारी उठाई. गुरु तेग बहादुर ने संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान दे दिया. उस समय देश में मजहबी कट्टरता हावी थी. भारत को अपनी पहचान बचाने के लिए बड़ी उम्मीद गुरु तेग बहादुर के रूप में दिखी थी. औरंगजेब की आततायी शक्ति के सामने गुरु तेग बहादुर चट्टान बनकर खड़े हो गए थे. औरंगजेब और उसके जैसे अत्याचारियों ने भले ही अनेकों सिर को धड़ से अलग कर दिया, लेकिन हमारी आस्था को हमसे अलग नहीं कर पाए. गुरु तेग बहादुर के बलिदान ने भारत की आने पीढय़िों को अपनी संस्कृति के लिए मर मिटने की प्रेरणा दी.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदिल्ली की तिहाड़ जेल में कैदियों में गैंगवार, 15 कैदी हुए घायल
    Next Article जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने ढेर किए 4 आतंकवादी, मुठभेड़ में एक जवान भी शहीद

    Related Posts

    महोबा बीजेपी जिलाध्यक्ष पर पद के बदले ‘शारीरिक संबंध’ का आरोप | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    छात्रों का आत्मघात: सपनों का बोझ या सिस्टम की नाकामी | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    हारे का सहारा: खाटूश्याम और सालासर बालाजी दर्शन | राष्ट्र संवाद

    April 27, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    2 करोड़ की चारदीवारी बरसात में ढही, यूसील कॉलोनी की सुरक्षा पर संकट, घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार के आरोप तेज

    भीषण गर्मी में यूसील अस्पताल की बदहाली उजागर, एसी-कूलर खराब, दवा संकट और डॉक्टरों की भारी कमी से मरीज बेहाल

    NIT जमशेदपुर में M.Des प्रवेश प्रक्रिया शुरू: CEED के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर मौका, IIT बॉम्बे से समझौते से बढ़ी गुणवत्ता

    करीम सिटी कॉलेज में पीजी शुरू करने की तैयारी तेज, अर्थशास्त्र व इतिहास विभाग का हुआ निरीक्षण

    स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर सख्ती, जिले में स्कूल बसों की जांच तेज, नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

    मिस इंडिया 2026 श्रेया अधरजी ने अर्जुन मुंडा से की मुलाकात, गोल्ड मेडल जीतकर बढ़ाया झारखंड का मान

    महोबा बीजेपी जिलाध्यक्ष पर पद के बदले ‘शारीरिक संबंध’ का आरोप | राष्ट्र संवाद

    छात्रों का आत्मघात: सपनों का बोझ या सिस्टम की नाकामी | राष्ट्र संवाद

    विश्व इच्छा दिवस 2026: आशा और मानवीय संवेदनाओं का उत्सव | राष्ट्र संवाद

    हारे का सहारा: खाटूश्याम और सालासर बालाजी दर्शन | राष्ट्र संवाद

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.