Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » झूठी शान की खातिर हत्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
    Breaking News Headlines

    झूठी शान की खातिर हत्या को हल्के में नहीं लिया जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

    Devanand SinghBy Devanand SinghApril 2, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह झूठी शान की खातिर की गई हत्या (ऑनर किलिंग) के मामले को हल्के में नहीं लेगा। साथ ही, एक महिला की उस याचिका पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा, जिसने मामले में अपने चाचा की जमानत रद्द करने का आग्रह किया है. दरअसल, महिला के अंतर-जातीय विवाह करने पर पिछले साल उसके पति की हत्या की साजिश में उसका चाचा कथित रूप से संलिप्त था.

    राज्य सरकार और अन्य को नोटिस जारी करने से पहले न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने दीप्ति मिश्रा की ओर से पेश अधिवक्ता एमएस आर्य से कड़े सवाल किए. दीप्ति के पति की पिछले साल कथित तौर पर हत्या कर दी गई थी. पीठ ने कहा कि प्राथमिकी में महिला के चाचा के खिलाफ कोई विशेष आरोप नहीं थे, जिसमें केवल यह कहा गया था कि उसने शादी का विरोध किया था.
    अधिवक्ता ने कहा कि दीप्ति के चाचा मणिकांत मिश्रा और उनके दो बेटे हमले में शामिल थे तथा पूर्व में भी ऐसी (हमले की) घटनाएं हो चुकी थीं, जिस पर महिला के पति द्वारा कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं. पीठ ने कहा, यह झूठी शान की खातिर हत्या का मामला है और हम इसे हल्के में नहीं लेते.

    हालांकि, कोर्ट ने कहा, क्या हमें इस याचिका पर केवल इस आधार पर विचार करना चाहिए कि प्रतिवादी नंबर दो (मणिकांत मिश्रा) ने शादी का विरोध किया था. कोई विशेष आरोप नहीं है. प्राथमिकी में यह नहीं कहा गया है कि वह घटना के समय वहां मौजूद था या वह साजिशकर्ता था. शीर्ष अदालत ने शुरू में कहा कि वह इसमें हस्तक्षेप नहीं करेगी लेकिन आर्य ने पीठ को मनाने की कोशिश की और हत्या की घटना से ठीक पहले धमकी और हमले की घटनाओं की महिला के पति (मृतक) द्वारा सूचना दिए जाने को रेखांकित किया.
    पीठ ने कहा, ठीक है, हम नोटिस जारी करेंगे. प्रतिवादी संख्या दो (मणिकांत मिश्रा) को नोटिस स्थानीय पुलिस थाने के माध्यम से दिया जाना चाहिए. दीप्ति द्वारा वकील सी के राय के माध्यम से दायर याचिका के अनुसार, यह मामला झूठी शान की खातिर हत्या से संबंधित है, जिसमें उसके पति को महिला के रिश्तेदारों ने केवल इसलिए मार डाला कि वह धोबी जाति का था और उसकी शादी एक ब्राह्मण लड़की से हुई थी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने पिछले साल 17 दिसंबर को मणिकांत को जमानत दे दी थी.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleनवरात्र के मौके पर रेल यात्रियों को मिलेगी व्रत स्पेशल थाली 99 रुपये में
    Next Article पंजाब में मस्जिद बनाने केरल के एनजीओ ने कश्मीर के माध्यम से दिया 70 करोड़ रुपये का फंड

    Related Posts

    कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, बिहार सरकार का पुतला दहन

    June 22, 2026

    तुरामडीह विस्थापितों के समर्थन में उतरी भाजपा, अर्जुन मुंडा बोले- समझौते के क्रियान्वयन तक जारी रहेगा संघर्ष

    June 22, 2026

    सीतारामडेरा बस स्टैंड में रूबी रोड लाइंस के नए कार्यालय का उद्घाटन, अब यहीं से होगी सभी वाहनों की बुकिंग

    June 22, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सलिल कुमार नाग बने यूसिल के नए तकनीकी निदेशक यूसिल में उत्पादन बढ़ाना ओर भ्रष्टाचार मुक्त करना बड़ी चुनौती

    18 महीने से 262 मजदूरों का 25 दिन का बकाया का नहीं हुआ भुगतान। मजदूर करेंगे मुख्यमंत्री से शिकायत

    यूसिल में 35 लाख की लागत से बनी गेट अधूरा घायल हो रहे हे लोग

    गैलेक्सी एक्सपोर्ट्स में बॉयलर ब्लास्ट के विरोध में ग्रामीणों व कामगारों का धरना

    कपाली मेडिकल दुकान रंगदारी,गोलीबारी कांड के फरार मुख्य आरोपी साकिर साह गिरफ्तार

    आसनबनी में जाताल पूजा संपन्न, अच्छी फसल की कामना

    ज्योति कुमारी बनी सप्लाई इंस्पेक्टर

    यूसिल तुरामडीह में रोजगार को लेकर बढ़ा विवाद, दलाली के विरोध में हजारों ग्रामीणों का प्रदर्शन, अर्जुन मुंडा का फूंका पुतला

    कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, बिहार सरकार का पुतला दहन

    तुरामडीह विस्थापितों के समर्थन में उतरी भाजपा, अर्जुन मुंडा बोले- समझौते के क्रियान्वयन तक जारी रहेगा संघर्ष

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.