Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बैंक का सुप्रीम कोर्ट में दावा: चुनाव बाद कर्ज माफी की उम्मीद में पंजाब के किसानों ने बंद किया भुगतान
    Breaking News Headlines राजनीति

    बैंक का सुप्रीम कोर्ट में दावा: चुनाव बाद कर्ज माफी की उम्मीद में पंजाब के किसानों ने बंद किया भुगतान

    Devanand SinghBy Devanand SinghJanuary 18, 2022No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. पंजाब के एक बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी है कि किसान उसका ऋण नहीं चुका रहे हैं. बैंक का कहना था कि इसकी वजह राज्य विधानसभा चुनाव है. किसानों को लगता है कि राज्य में जो भी सरकार आएगी, वह उनका सारा कर्ज़ माफ कर देगी. मामला बैंक पर एक कर्मचारी की दोबारा बहाली से पड़ रहे आर्थिक बोझ से जुड़ा था. कोर्ट ने बैंक की दलील को स्वीकार करते हुए कर्मचारी को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम कम कर दी.

    पटियाला सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक ने 2020 में आए पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट के एक आदेश को चुनौती दी थी. इस आदेश में 2005 में नौकरी से हटाए गए एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी को फिर से बहाल करने के लिए कहा गया था. हाई कोर्ट ने बैंक को कर्मचारी को 6 प्रतिशत ब्याज के साथ 20,000 रुपए सालाना मुआवजा देने के लिए कहा था.

    सुनवाई की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और सूर्यकांत की बेंच ने माना कि हाई कोर्ट का आदेश इंडस्ट्रीयल डिस्प्यूट एक्ट के प्रावधानों के अनुसार है. इसमें कोई त्रुटि नहीं है. इस पर बैंक की तरफ से दलील दी गई कि ब्याज के साथ यह रकम काफी ज्यादा हो जा रही है. हाई कोर्ट में 12 और कर्मचारियों के इसी तरह के मामले लंबित हैं. सबको इस तरह का भुगतान करने से उस पर काफी आर्थिक बोझ पड़ेगा.

    कोऑपरेटिव बैंक के लिए पेश वकील सुधीर वालिया ने कहा कि पंजाब में किसानों ने बैंक के कर्ज़ का भुगतान बंद कर दिया है. उन्हें भरोसा है कि नई सरकार उनके सभी कर्ज़ माफ कर देगी. बैंक के पास इस वजह से संसाधन की कमी है. जब कर्ज़ माफी होगी तो इसका भी असर बैंक पर पड़ेगा. जज इस दलील से सहमत नज़र आए. उन्होंने दैनिक कर्मचारी के वकील से कहा, अगर बैंक ही नहीं बचेगा तो आपकी बहाली कहा होगी. अगर बैंक दिवालिया हो जाता है तो आप जैसे तमाम लोगों का नुकसान है.
    कर्मचारी के लिए पेश वकील दुर्गा दत्त ने मुआवजे की रकम कम करने की मांग का विरोध किया. उनका कहना था कि कर्मचारी ने 17 साल तक तकलीफ उठाई है. हालांकि, कोर्ट ने एकमुश्त भुगतान की रकम 1 लाख रुपए तय करते हुए मामले का निपटारा कर दिया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleIPL 2022: हार्दिक पंड्या और राशिद खान को मिलेंगे 15-15 करोड़
    Next Article कोरोना के देश में पिछले 24 घंटे के दौरान आए 2.38 लाख से ज्यादा नए केस, 310 लोगों की हुई मौत

    Related Posts

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    June 21, 2026

    राम मंदिर चढ़ावे विवाद: आस्था पर सवाल, साख दांव पर

    June 20, 2026

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    June 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    गंगा का महत्व: जीवन, मोक्ष और पर्यावरण की पुकार

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

    विश्व संगीत दिवस: शांति और संवेदना का वैश्विक उत्सव

    राम मंदिर चढ़ावे विवाद: आस्था पर सवाल, साख दांव पर

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    गोलमुरी क्लब में साप्ताहिक योग शिविर का समापन, 75 साधकों ने लिया योग और ध्यान का लाभ

    राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का फील्ड विजिट

    पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में बोले राज्यपाल, ‘विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति’

    बाल विवाह के खिलाफ युवा का जिला स्तरीय कार्यशाला शिक्षकों को बच्चों के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.