Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » वाहन निर्माताओं के लिए अनिवार्य होगा Flex Fuel इंजन बनाना: गडकरी
    Breaking News Business Headlines

    वाहन निर्माताओं के लिए अनिवार्य होगा Flex Fuel इंजन बनाना: गडकरी

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 1, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली. केंद्र सरकार वाहन निर्माताओं के लिए फ्लेक्स फ्यूल इंजन वाले वाहनों की मैनुफैक्चरिंग अनिवार्य करने की तैयारी कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिलने के बाद सभी वाहन निर्माताओं के लिए फ्लेक्स फ्यूल के अनुकूल इंजन (एक से अधिक फ्यूल पर चलने वाले ऑप्शन्स) बनाना अनिवार्य कर देगी. बता दें कि फ्लेक्स फ्यूल, पेट्रोल और मेथनॉल या एथनॉल को मिलाकर बनने वाला एक वैकल्पिक ईंधन है.

    गडकरी ने इंडस्ट्री बॉडी पीएचडीसीसीआई के वार्षिक सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार एक एथनॉल इकोनॉमी विकसित करने पर काम कर रही है. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा, ”हम सभी वाहन निर्माताओं के लिए फ्लेक्स-फ्यूल इंजन (जो एक से अधिक ईंधन पर चल सकते हैं) बनाना अनिवार्य करने जा रहे हैं.” मंत्री ने ब्राजील, कनाडा और अमेरिका के उदाहरण दिए जहां अधिकांश ऑटोमोबाइल कंपनियां लचीला- ईंधन इंजन वाले वाहनों का निर्माण करती हैं.गडकरी ने कहा, ”हमने सुप्रीम कोर्ट में एक शपथपत्र दिया है. जब हमें सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी मिल जाएगी, तब हम सभी वाहन निर्माताओं के लिए ऐसे फ्यूल इंजन बनाना अनिवार्य कर देंगे.”गडकरी ने सुझाव दिया कि सेना को डीजल इंजन वाले वाहनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए और एलएनजी, सीएनजी और एथनॉल पर चलने वाले ट्रकों का उपयोग करना चाहिए. मंत्री ने कहा कि एथनॉल, पेट्रोल और डीजल की तुलना में काफी सस्ता है.उन्होंने कहा कि सरकार एक एथनॉल इकोनॉमी को विकसित करने की दिशा में काम कर रही है और ‘450 कारखानों ने इसके निर्माण में रुचि दिखाई है.’

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकश्मीर के 100 साल का इतिहास प्रदर्शित करेगी ‘कश्मीर-एनिग्मा ऑफ पैराडाइज’
    Next Article मुंबई के केईएम अस्पताल के 23 एमबीबीएस छात्र पाए गए कोरोना पॉजिटिव, लगवा चुके थे वैक्सीन

    Related Posts

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    June 21, 2026

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    June 20, 2026

    गोलमुरी क्लब में साप्ताहिक योग शिविर का समापन, 75 साधकों ने लिया योग और ध्यान का लाभ

    June 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    सिदगोड़ा में पुलिस कार्रवाई के दौरान हंगामा, युवक घायल होने पर लोगों ने घेरा पुलिस वाहन

    गंगा का महत्व: जीवन, मोक्ष और पर्यावरण की पुकार

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग

    विश्व संगीत दिवस: शांति और संवेदना का वैश्विक उत्सव

    राम मंदिर चढ़ावे विवाद: आस्था पर सवाल, साख दांव पर

    डालसा का न्याय रथ पहुंचा बहरागोड़ा, कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित

    गोलमुरी क्लब में साप्ताहिक योग शिविर का समापन, 75 साधकों ने लिया योग और ध्यान का लाभ

    राजनीति शास्त्र की छात्राओं ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का फील्ड विजिट

    पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस समारोह में बोले राज्यपाल, ‘विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी शक्ति’

    बाल विवाह के खिलाफ युवा का जिला स्तरीय कार्यशाला शिक्षकों को बच्चों के अधिकार के प्रति जागरूक किया गया

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.