भगवान विरसा मुंडा में अदम्य साहस और पराक्रम था : राजेश शुक्ल
विरसा मुंडा के दर्शन आज भी प्रासंगिक, सबको प्रेरणा देते है।
महान स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी और अंग्रेजों और सामंतो के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई देने वाले भगवान विरसा मुंडा की 121 शहादत दिवस पर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और वरिष्ठ अधिवक्ता श्री राजेश कुमार शुक्ल ने आज अपने आवास पर उनके चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धा सुमन अर्पित किया, तथा विनीत और कृतज्ञ श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्री शुक्ल ने कहा है भगवान विरसा मुंडा में अदम्य साहस और पराक्रम था उन्होंने अंग्रेजों और सामंतो से लड़ाई शुरू की और आजाद भारत का सपना देखा। 1894 में अंग्रेजों से लगान माफी के लिए आंदोलन छेड़ा था , सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की थी।
श्री शुक्ल ने कहा कि भगवान विरसा मुंडा का नाम झारखंड, बिहार, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम में बड़े सम्मान से लिया जाता है। उन्हें भगवान की तरह पूजा जाता है। धरती आबा के जीवन दर्शन और उनके व्यक्तित्व की छाप आज भी जीवंत और प्रासंगिक है। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही झारखंड का समावेशी विकास संभव है। वे महान राष्ट्र भक्त थे।

