गया. कोरोना काल के बीच बिहार विधानसभा चुनाव की पहली जनसभा गया शहर में हुई, जिसमें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने एनडीए उम्मीदवारों के लिए वोट मांगा. जनसभा में कोरोना के मद्देनजर एहतियात बरतने के पोस्टर और बैनर तो खूब नजर आए, लेकिन नियमों का पालन होता हुआ नजर नहीं आया. पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रह चुके नड्डा ने इसको लेकर पूछे गए सवालों का जवाब देना जरूरी नहीं समझा.
कोरोना के दौरान हुई पहली राजनीतिक रैली में शामिल होने गया के गांधी मैदान में करीब 5-6 हजार लोग जुटे. प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर और थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था थी लेकिन रस्म अदायगी के लिए.
मंच पर कुर्सियों के बीच दूरी जरूर थी, लेकिन लोगों के लिए लगाई गई कुर्सियों के लिए इसका ख्याल नहीं रखा गया. जाहिर है सभा में दो गज की दूरी केवल मंच पर नजर आई भीड़ में नहीं.
चुनाव चिन्ह वाला मास्क बांटा जरूर गया था, लेकिन उसे पहनने और पहने रहने की दिलचस्पी बहुत लोगों में नहीं थी. लोगों को दूरी बनाने और मुंह-नाक ढंकने के लिए जागरूक करता कोई नेता या कार्यकर्ता नजर नहीं आया ना ही मंच से बार-बार इसकी घोषणा सुनाई दी.
कुल मिला कर पहली सभा में कोरोना को लेकर एहतियाती इंतजाम, लोगों में जागरूकता या भय की कमी साफ तौर पर नजर आई. आने वाले दिनों में रैलियों की संख्या बढ़ेगी. यही हाल रहा तो लापरवाही भी बढ़ेगी और कोरोना संक्रमण की संख्या भी.
रैली के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से जब कोरोना को लेकर बरती जा रही लापरवाही को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब देना जरूरी नहीं समझा. जबकि नड्डा केंद्र सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं. वहीं इसको लेकर पूछे जाने पर बीजेपी के जिलाध्यक्ष ने दावा किया कि हर पैमाने पर रैली सफल रही है.
गया की रैली में नड्डा ने जम कर मोदी सरकार की उपलब्धियां गिनाई. साथ ही नीतीश सरकार के पहले बिहार की स्थिति का हवाला देकर फिर से एनडीए को जिताने की अपील की. नड्डा की रैली में हम पार्टी के जीतन राम मांझी और जेडीयू महासचिव आरसीपी सिंह भी मौजूद थे.

