Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » कीर्तन करने से मन निर्मल होता है:-आनंद मार्ग
    Breaking News खबरें राज्य से झारखंड धर्म

    कीर्तन करने से मन निर्मल होता है:-आनंद मार्ग

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 8, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    कीर्तन करने से मन निर्मल होता है:- आनंद मार्ग

    जमशेदपुर 8 अक्टूबर
    अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र “बाबा नाम केवलम्” का स्वर्ण जयंती वर्ष सादगी पूर्ण तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर भारतवर्ष में 8000 से भी अधिक यूनिट में 3 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन हुआ। भारत सरकार के धार्मिक स्थल के विषय में गाइडलाइन को फॉलो करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का कठोरता से पालन करते हुए कीर्तन किया गया
    यह सर्वविदित है कि आनंद मार्ग प्रचारक संघ के प्रवर्तक भगवान श्री श्री आनंदमूर्ति जी ने 8 अक्टूबर 1970 को अझरिया लातेहार में अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र” बाबा नाम केवलम् “का अवदान मानवता के कल्याण हेतु प्रदान किया था। इस अवसर पर पिछले 49 वर्षों से हम आम झरिया में प्रत्येक वर्ष भव्य कीर्तन का आयोजन होता रहा है।
    परंतु इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण अष्टाक्षरी सिद्ध महामंत्र
    “बाबा नाम केवलम् ” के कीर्तन का आनंद मार्ग जागृति गादरा जमशेदपुर में कार्यक्रम का आयोजन हुआ।।
    8 अक्टूबर दिन गुरुवार को कीर्तन स्वर्ण जयंती वर्ष पर आनंद मार्ग प्रचारक संघ के पुरोधा प्रमुख श्रद्धेय आचार्य विश्वदेवानंद अवधूत जी ने वेबीनार के माध्यम से विश्व के 180 देशों में फैले भक्तगण को संबोधित करते हुए कहा कि कीर्तन करने से मन निर्मल होता है और साधना में उन्नति होती है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी की विकट स्थिति से निजात पाने में सामूहिक कीर्तन बहुत ही कारगर सिद्ध हो रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleडॉ. विजय कृष्ण श्रीवास्तव को झारखंड सरकार की लापरवाह सिस्टम ने मारा : भाजपा
    Next Article डीडीसी के अध्यक्षता में कोविड-19 के विशेष जांच शिविर के सफल संचालन से संबंधित बैठक आहूत की गई

    Related Posts

    नवी मुंबई में रिश्ता तोड़ा तो पिस्टल निकाली…

    November 7, 2026

    त्योहारों की रौनक के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और सद्भाव की भी हो गारंटी

    November 7, 2026

    दीपावली बने विकसित एवं समृद्ध भारत की नई ज्योति

    November 7, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    McLuck Casino Review: Features, Games, and the Player Experience

    नवी मुंबई में रिश्ता तोड़ा तो पिस्टल निकाली…

    त्योहारों की रौनक के साथ सुरक्षा, स्वच्छता और सद्भाव की भी हो गारंटी

    चेहरे पर आग के निशान, लेकिन हौसला फौलादी! दीपिका के स्टंट करने वाली इस लड़की को पहचानना हुआ मुश्किल

    दीपावली बने विकसित एवं समृद्ध भारत की नई ज्योति

    बाइक चोरी के शक में विक्षिप्त की पिटाई, पुलिस ने ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाया

    धनतेरस पर बहरागोड़ा के बाजारों में उमड़ी भीड़, वाहनों की खरीदारी में भी उत्साह

    विजय-2 लौह अयस्क खदान फिर खोलने की मांग, ग्रामीणों को रोजगार देने पर जोर

    पांच दिन से अंधेरे में डूबे धानघोरी गांव में 24 घंटे में लगा नया ट्रांसफॉर्मर

    महिला सुरक्षाकर्मी से सहकर्मी गार्ड ने किया दुर्व्यवहार, थाने में प्राथमिकी दर्ज

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.