Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पूर्व सीबीआई डायरेक्टर अश्वनी कुमार की अचानक आत्महत्या से हर कोई हैरान
    Breaking News Headlines

    पूर्व सीबीआई डायरेक्टर अश्वनी कुमार की अचानक आत्महत्या से हर कोई हैरान

    Devanand SinghBy Devanand SinghOctober 8, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    शिमला. नगालैंड के पूर्व राज्यपाल एवं पूर्व सीबीआई डायरेक्टर रहे अश्वनी कुमार ने बुधवार को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली. पुलिस सूत्रों के अनुसार शिमला स्थित ब्राकहास्ट में उनके आवास में पूर्व आईपीएस अधिकारी अश्वनी कुमार का शव लटका पाया गया. उन्होंने यह कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है. फिलहाल पुलिस ने उनके शव को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. शिमला पुलिस ने इस मामले में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    शिमला के एसपी मोहित चावला ने बताया कि पूर्व राज्यपाल का शव ब्राकहास्ट इलाके में निजी आवास में लटका हुआ पाया गया था. जानकारी के अनुसार पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें लिखा है कि “जिंदगी से तंग आकर अगली यात्रा पर निकल रहा हुं.” सूत्रों का भी कहना है कि अश्विनी कुमार पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहे थे. हालांकि पुलिस ने अभी इस तरह की कोई पुष्टि नहीं की है.

    खुदकुशी की इस घटना से हर कोई स्तब्ध है. 70 वर्षीय अश्वनी कुमार का जन्म सिरमौर के जिला मुख्यालय नाहन में हुआ था. भारतीय पुलिस सेवा में चयन होने पर उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर ही अलॉट हुआ था. वह साल 1985 में शिमला के एसपी भी रहे. एसपीजी के गठन के बाद उन्होंने वहां भी 1990 तक काम किया. उसके बाद वह राज्य के पुलिस महानिदेशक भी बने. फिलहाल उनकी अचानक इस तरह मौत से हर कोई हैरान है. 2006 से 2008 तक वह हिमाचल के डीजीपी भी रहे. अगस्त, 2008 से नवंबर, 2010 के बीच वह सीबीआई के डायरेक्टर रहे थे. वह सीबीआई के पहले ऐसे प्रमुख रहे, जिन्हें बाद में राज्यपाल बनाया गया था. मार्च, 2013 में उन्हें नगालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया था. हालांकि वर्ष 2014 में उन्हाेंने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था. इसके बाद वह शिमला में एक निजी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर भी रहे.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous ArticleIPL 2020 : हैदराबाद के खिलाफ पंजाब को करनी होगी वापसी
    Next Article प्रेग्रेंसी पीरियड इंजॉय कर रही है एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा, शेयर की बेहद खूबसूरत तस्वीर

    Related Posts

    उपायुक्त के निर्देश पर नवनियुक्त सहायक आचार्यों के विद्यालय आवंटन हेतु 8 एवं 9 जून को खुलेगी काउंसिलिंग

    June 6, 2026

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    June 6, 2026

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    June 5, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    उपायुक्त के निर्देश पर नवनियुक्त सहायक आचार्यों के विद्यालय आवंटन हेतु 8 एवं 9 जून को खुलेगी काउंसिलिंग

    उथल-पुथल में पश्चिम बंगाल की राजनीति: टीएमसी की चुनौतियां

    झारखंड: प्रणव झा की राज्यसभा उम्मीदवारी और कांग्रेस का संदेश

    ठाणे में दर्दनाक हादसा: टैंकर ने कुचला, मौके पर मौत

    भारत में कोचिंग उद्योग: शिक्षा के बाजारीकरण का नया चेहरा

    खान सर फायरिंग प्रकरण में जांच तेज, गिरफ्तारी पर सस्पेंस बरकरार

    जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शन: दिल्ली पुलिस अलर्ट

    विश्व पर्यावरण दिवस पर बागडेहरी थाना परिसर में किया गया वृक्षारोपण

    प्री-एसआईआर गतिविधि के तहत निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने मतदान केंद्रों का किया निरीक्षण

    रामगढ़ में एसबीआई बैंक में चोरी के अलर्ट से मचा हड़कंप, जांच में निकला तकनीकी कारण

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.