Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » जापान ने अपनी कंपनियों से कहा, चीन से बाहर निकलें
    Breaking News Business Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    जापान ने अपनी कंपनियों से कहा, चीन से बाहर निकलें

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 20, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जापान सरकार ने अपनी कंपनियों को चीन से निकल कर वापस देश आने का न्योता दिया है, जिसके लिए वह पैसे भी दे रहा है. इस तरह चीन से 57 जापानी कंपनियां बाहर जा सकती हैं. बाकी देशों से भी 30 कंपनियों को वापस आने के लिए कहा गया है.

    जापान की तरफ से एक खास पहल की गई है ताकि लोकल सप्लाई चेन पर कभी कोई असर ना पड़े और चीन पर उनकी निर्भरता भी कम हो सके. जापान की सरकार ने चीन से जापानी कंपनियों का वापस निकालने और फिर से जापान में लाने के लिए पैसे देने का फैसला किया है. जापान अपनी 57 कंपनियों को चीन से वापस आकर देश में ही मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए 53.6 करोड़ डॉलर खर्च कर रहा है.

    अन्य देशों से भी कंपनियों को वापस बुला रहा जापान

    इतना ही नहीं, अन्य 30 कंपनियों को वियतनाम, म्यांमार, थाइलैंड औरर दक्षिण पूर्व एशियन देशों से अपनी यूनिट वापस जापान लाने के लिए भी पैसे दिए जा रहे हैं. निक्केई अखबार की रिपोर्ट के अनुसार सरकार इसके लिए कुल मिलाकर करीब 70 अरब येन खर्च करेगी.

    ताइवान भी कर चुका है ऐसा

    चीन के खिलाफ खड़े होने वाले देशों का एक और उदाहरण है क्योंकि चीन का तरीका सही नहीं है. आर्थिक मोर्चे पर ब्लैकमेल करने से लेकर दूसरे देश की सीमा का सम्मान नहीं करना किसी भी देश को अच्छा नहीं लग रहा है. ताइवान की सरकार ने भी 2019 में कुछ ऐसी ही पॉलिसी बनाई थी, जैसी जापान ने बनाई है.

    अमेरिका भी निकाल रहा है अपनी कंपनियां

    वहीं अमेरिका पहले ही चीन से अपनी कंपनियां निकालने की फिराक में है. एप्पल ने तो भारत में अपने प्लांट्स बढ़ाने का फैसला भी कर लिया है. चीन से बहुत सारी कंपनियां निकल कर बाहर आना चाहती हैं. भारत ने भी पहले ऐप बैन किए और अब चीनी कंपनियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. हो सकता है आने वाले वक्त में चीनी कंपनियों को भारत से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाए.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleरिटेल व्यापार को 15.50 लाख करोड़ का भारी नुकसान
    Next Article कोरोना पर आईआईटी-एम्स का चौंकाने वाला खुलासा, मॉनसून में तेजी से बढ़ सकते हैं मामले

    Related Posts

    गडकरी के राजनीतिक संन्यास की अटकलों पर विराम, बोले बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं

    August 27, 2026

    विमल विज्ञापन पर शाहरुख, देवगन और टाइगर को नोटिस से मचा हड़कंप, तुकाराम मुंढे बोले कानून सबके लिए एक

    August 27, 2026

    टॉक्सिक को मिली ठंडी प्रतिक्रिया के बीच राम गोपाल वर्मा ने फिर देखा धुरंधर, पोस्ट पर मचा सोशल मीडिया बवाल

    August 27, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    गडकरी के राजनीतिक संन्यास की अटकलों पर विराम, बोले बयान का राजनीति से कोई संबंध नहीं

    विमल विज्ञापन पर शाहरुख, देवगन और टाइगर को नोटिस से मचा हड़कंप, तुकाराम मुंढे बोले कानून सबके लिए एक

    टॉक्सिक को मिली ठंडी प्रतिक्रिया के बीच राम गोपाल वर्मा ने फिर देखा धुरंधर, पोस्ट पर मचा सोशल मीडिया बवाल

    टेस्ट क्रिकेट में नो-बॉल पर फ्री-हिट की मांग, साईराज बहुतुले बोले इससे कम हो सकती है गलती

    महाराष्ट्र : ट्रेन के सामने कूदकर एक ही परिवार के 4 लोगों ने किया सुसाइड, मृतकों में दो बच्चे भी शामिल

    विजयवाड़ा से तिरुपति जा रही बस ने ऑटो को मारी टक्कर, एक ही गांव के 7 लोगों की मौत, 10 लोग घायल

    नेपाल की प्रलंयकारी बाढ़ में 165 शव बरामद, 300 भारतीय समेत 1500 लोग लापता, रेस्क्यु जारी

    झारखंड अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष सह तंजीम के कार्यकारी अध्यक्ष हाजी हिदायतुल्लाह खान की उपस्थिति में संपन्न हुई अहम बैठकें

    निर्वाचन साक्षरता क्लब: युवा मतदाताओं तक पहुंच और लोकतंत्र के भविष्य की तैयारी

    रक्षाबंधन 2026: राखी कोरा रक्षा कवच नहीं, नारी-सम्मान का संकल्प बने

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.