

जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2.0 का भव्य आयोजन, सजेगा साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ
देश की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा जमशेदपुर एक बार फिर विचारों, सृजनशीलता और सांस्कृतिक विविधता के भव्य संगम का साक्षी बनने जा रहा है। विद्यादीप फाउंडेशन के तत्वावधान में आगामी 18 से 20 दिसंबर 2026 तक होटल रमाडा, बिष्टुपुर में आयोजित होने वाले जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल में देश के विभिन्न हिस्सों से साहित्य, संगीत, नृत्य, सिनेमा, पत्रकारिता, शिक्षा, प्रशासन, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े 80 से अधिक अतिथियों एवं वक्ताओं की सहभागिता होगी।
इस वर्ष महोत्सव का केंद्रीय विषय ‘विरासत एवं पर्यटन’ निर्धारित किया गया है। आयोजन का उद्देश्य केवल साहित्यिक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि झारखंड की ऐतिहासिक धरोहरों, जनजातीय जीवनशैली, लोककलाओं, प्राकृतिक संपदा और पर्यटन संभावनाओं को देश के प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों के माध्यम से व्यापक राष्ट्रीय विमर्श का हिस्सा बनाना भी है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।
पमद सम्मानित विभूतियों से गौरवान्वित होगा आयोजन
महोत्सव में भारतीय शास्त्रीय नृत्य की विश्वविख्यात साधिका, भारतीय कला एवं संस्कृति की वैश्विक राजदूत पद्म विभूषण डॉ. सोनल मानसिंह, राजस्थान से मुगल चित्रकला शैली एवं भारतीय लघुचित्र परंपरा के विख्यात चित्रकार पद्मश्री तिलक गीताई, बस्तर बैंड के संस्थापक एवं जनजातीय संगीत के प्रतिष्ठित साधक पद्मश्री अनूप रंजन पांडेय, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव क्षेत्र से प्रख्यात समाजसेविका एवं महिला सशक्तीकरण की प्रेरक हस्ताक्षर पद्मश्री फूलबासन बाई यादव, तथा झारखंड की लोक सांस्कृतिक पहचान पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख और पद्मश्री मुकुंद नायक जैसे विशिष्ट व्यक्तित्व प्रमुख आकर्षण होंगे।
सिनेमा, साहित्य और पत्रकारिता के दिग्गज एक मंच पर
सिनेमा एवं डिजिटल मनोरंजन जगत से लोकप्रिय वेब सीरीज़ पंचायत में ‘विनोद’ की भूमिका निभाने वाले अभिनेता अश्शोक पाठक, ‘माधव’ की भूमिका से चर्चित अभिनेता बुल्लू कुमार, फिल्म धक धक के निर्देशक तरुण डुडेजा तथा कास्टिंग बे के सह-संस्थापक एवं चर्चित कास्टिंग डायरेक्टर अनमोल आहूजा की सहभागिता महोत्सव को विशेष आकर्षण प्रदान करेगी। इसके अलावा साहित्य और पत्रकारिता जगत से अनंत विजय, अक्षत गुप्ता, और डॉ. यतीन्द्र मिश्र जैसे दिग्गज भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
झारखंड की विरासत का अनुभव
जमशेदपुर लिटरेचर फेस्टिवल के क्यूरेटर संदीप मुरारका ने कहा कि हमारा प्रयास केवल देश के प्रतिष्ठित साहित्यकारों और विचारकों को एक मंच पर लाना नहीं है, बल्कि अतिथियों को झारखंड की माटी, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं का वास्तविक अनुभव कराना है। तीन दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में संगीत, नृत्य, और विभिन्न वैचारिक सत्रों का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।

