जादूगोड़ा यूरेनियम माइंस में हादसे के बाद उत्पादन ठप, रोजाना 400 टन अयस्क प्रभावित
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, ठेका मजदूरों की सुरक्षा को लेकर यूनियन में नाराजगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा। यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (UCIL) की जादूगोड़ा माइंस में हुई दुर्घटना के बाद खदान में यूरेनियम अयस्क का उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे प्रतिदिन करीब 400 टन अयस्क उत्पादन प्रभावित हो रहा है। उत्पादन जल्द शुरू कराने को लेकर UCIL के वरिष्ठ अधिकारी मंथन कर रहे हैं।
हादसे के समय उसी जोन में काम कर रहे कई अन्य कर्मचारी बाल-बाल बच गए। घटना ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके बाद प्रबंधन ने जादूगोड़ा, बागजाता, भाटिन, तुरामडीह, मोहुलडीह और बांडुहुड़ांग सहित सभी छह माइंस में सुरक्षा निरीक्षण शुरू कराया है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी निरीक्षण किए जाने की चर्चा है।
ठेका प्रथा पर उठे सवाल: मजदूरों और जानकारों का आरोप है कि ठेका व्यवस्था के तहत अप्रशिक्षित श्रमिकों से जोखिम भरा भूमिगत कार्य कराया जा रहा है। पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों की कमी और निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल के आरोप भी सामने आए हैं। घायल ठेका मजदूर के मामले में मजदूर यूनियन ने नाराजगी जताते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बीच बड़ा सवाल यह है कि प्रबंधन का सुरक्षा निरीक्षण केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगा या ठेका मजदूरों की जान बचाने के लिए ठोस कदम भी उठाए जाएंगे।

