टाटा स्टील फाउंडेशन, भारतीय सांकेतिक भाषा केंद्र और रांची सीआरसी की पहल, मूक-बधिरों के समावेशन को मिलेगा बढ़ावा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर/रांची, 28 अक्टूबर। टाटा स्टील फाउंडेशन, भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा समग्र क्षेत्रीय केंद्र, रांची ने मूक-बधिर व्यक्तियों के समावेशन और भारतीय सांकेतिक भाषा के प्रसार के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ‘सबल-संकेत’ पहल के तहत संचार संबंधी बाधाओं को दूर करने और समावेशी कार्यस्थल विकसित करने पर जोर दिया जाएगा।
इस साझेदारी के तहत टाटा स्टील फाउंडेशन के 10 प्रशिक्षकों को भारतीय सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण और प्रमाणन दिया जाएगा। साथ ही, कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर सांकेतिक भाषा के बुनियादी कौशल, मूक-बधिर समुदाय की संस्कृति और सुलभ संवाद के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी। तीनों संस्थान संयुक्त रूप से शिक्षण सामग्री और जन-जागरूकता संसाधन भी तैयार करेंगे।
समझौते पर भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक राजू, समग्र क्षेत्रीय केंद्र रांची के निदेशक सूर्यमणि प्रसाद और टाटा स्टील फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सौरव रॉय ने हस्ताक्षर किए।
सौरव रॉय ने कहा कि समावेशन की शुरुआत संवाद से होती है। इस साझेदारी का उद्देश्य मूक-बधिर व्यक्तियों के लिए सम्मान, समानता और आत्मविश्वास के साथ भागीदारी सुनिश्चित करने वाला वातावरण तैयार करना है।

