श्री सच्चा आश्रम पोखर में छठ पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, प्रशासनिक इंतजाम की जरूरत
तीन मौतों के बाद भी असुरक्षित छठ घाट, 10 हजार श्रद्धालुओं की सुरक्षा दांव पर
बेगूसराय /राष्ट्र संवाद ब्यूरो
आस्था के महापर्व छठ पर गौरा-एक पंचायत के श्री सच्चा आश्रम पोखर घाट पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, लेकिन यह घाट अब भी असुरक्षित है। मिट्टी कटाई के कारण पोखर में कई जगह गहरा पानी है और पिछले कई वर्षों में तीन लोगों की डूबने से मौत हो चुकी है। हादसे की आशंका के बीच ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी, तेघड़ा से घाट पर सरकारी सुरक्षा, निगरानी और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
करीब 15 हजार की आबादी वाली पंचायत में यह पोखर छठ पूजा का प्रमुख केंद्र है। यहां अस्ताचलगामी और उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के लिए श्रद्धालु परिवार सहित पहुंचते हैं। छठ के दौरान परिसर मेले का रूप ले लेता है और मुंडन संस्कार भी कराए जाते हैं। भगवती स्थान के पास स्थित दूसरा पोखर गंदगी के कारण पूजा के उपयोग में नहीं आता, इसलिए ग्रामीणों के पास कोई विकल्प भी नहीं है।
तीन हादसों में गई जान
करीब 10 वर्ष पहले घाट की सफाई के दौरान स्थानीय निवासी अमीन राजकुमार राय के पुत्र की डूबने से मौत हो गई थी। तीन वर्ष पहले सरस्वती पूजा विसर्जन के दौरान वार्ड-9 के एक किशोर की जान चली गई। वर्ष 2025 में छठ के निस्तारण के दिन वार्ड-8 निवासी सज्जन शर्मा के इंटरमीडिएट में पढ़ने वाले छोटे पुत्र संदीप की भी पोखर में डूबने से मौत हो गई थी। इसके अलावा कई लोग डूबने से बाल-बाल बच चुके हैं।
ग्रामीण अपने स्तर से घाट की साफ-सफाई, रोशनी, वस्त्र बदलने के लिए कक्ष और अन्य व्यवस्थाएं करते हैं, लेकिन इतने बड़े आयोजन में सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय लोगों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। ग्रामीणों ने गहरे हिस्सों का समतलीकरण, खतरनाक स्थानों की घेराबंदी, बैरिकेडिंग, प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती और पर्याप्त सरकारी निगरानी की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन छठ से पहले सभी जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करे, ताकि आस्था का यह पर्व किसी परिवार के लिए हादसे और मातम में न बदल जाए।

