किसानों को अब तक 69,163 करोड़ रुपये की मदद, फसल बीमा का दायरा भी बढ़ा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गोरखपुर/लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने गेहूं और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद में पिछली सरकारों की तुलना में तीन गुना से अधिक वृद्धि की है। इसके साथ ही चना, मटर, दाल, सरसों, मक्का, बाजरा और ज्वार जैसी फसलों की खरीद को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों के हित में अब तक लगभग 69,163 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार किसानों को समय पर बीज, बिजली, खाद और अन्य कृषि संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश में पिछले वर्ष रिकॉर्ड 752 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ। किसानों को उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।
गन्ना किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के साथ भुगतान व्यवस्था में सुधार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश की 105 चीनी मिलें 15 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य का भुगतान कर रही हैं।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2017-18 से अब तक किसानों को लगभग 6,125 करोड़ रुपये मुआवजे के रूप में दिए गए हैं। वर्ष 2025-26 में करीब 7.31 लाख किसानों को 812.76 करोड़ रुपये का मुआवजा मिला। पिछले वर्ष लगभग 18 लाख किसानों ने फसल बीमा कराया था, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर करीब 23 से 24 लाख हो गई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बीमित किसानों की फसलों के नुकसान का सर्वे जल्द पूरा कराकर पात्र किसानों को मुआवजे का भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
कार्यक्रम को सांसद रवि किशन शुक्ला ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर विधान परिषद सदस्य धर्मेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, राम चौहान, प्रदीप शुक्ला, महेंद्र पाल सिंह, इंजीनियर श्रवण कुमार निषाद, गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव तथा उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

